प्रमोद व मोना ने बजट को बताया किसान, बेरोजगारों, युवा व उद्योग विरोधी।
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी एवं नेता कांग्रेस विधानमण्डल दल आराधना मिश्रा मोना ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है।

प्रमोद व मोना ने बजट को बताया किसान, बेरोजगारों, युवा व उद्योग विरोधी।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
प्रतापगढ़, 1 फरवरी
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी एवं नेता कांग्रेस विधानमण्डल दल आराधना मिश्रा मोना ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि यह ऐसा बजट है जो एक झुनझुने की तरह दिखता तो है परन्तु बजता नहीं है। मोदी सरकार के कार्यकाल का यह सबसे निराशाजनक बजट है। यह बजट किसान विरोधी, बेरोजगार व नौजवान विरोधी, लघु एवं मध्यम वर्ग विरोधी बजट है। यह बजट देश को निराशा देने वाला है। इसीलिए सेंसेक्स में 2300 शेयर की गिरावट आयी है।
सांसद प्रमोद तिवारी व विधायक मोना ने कहा कि पिछले एक साल से पूंजी निवेश रूका हुआ है। अब न तो विदेशी निवेश हो रहा है और न ही स्वदेशी निवेश हो रहा है। नेता द्वय ने कहा कि बजट के बाद इसमें और भी गिरावट आयेगी। मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत यह बजट भयंकर घाटे वाला बजट है।
सांसद प्रमोद तिवारी व विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि चालू वर्ष में राजस्व प्राप्तियां रू0 78086 करोड़ और नेट टैक्स संग्रह रू0 162748 करोड़ कम रहा, जो आर्थिक सुस्ती का साफ संकेत है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग सहित महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट में बड़ी कटौती की गयी है। जैसे स्वास्थ्य में 3686 करोड़ की कटौती, शिक्षा में 6701 करोड़, समाजकल्याण में 9999 करोड़, कृषि में 6985 करोड़, ग्रामीण विकास में 53067 करोड़, नगर विकास में 39573 करोड़, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना में 890 करोड़, जल जीवन मिशन में 50000 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना में 3200 करोड़ की कटौती तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के स्कार्लशिप की धनराशि में कटौती, फसल बीमा योजना, यूरिया, एलपीजी कनेक्शन, अर्नामेंट, एयरफोर्स प्रोजेक्ट, नेवल डाकयार्ड प्रोजेक्ट और रक्षा आधुनिकीकरण आदि के बजट में कटौती करने का अक्षम्य अपराध किया गया है।
सांसद प्रमोद तिवारी व विधायक आराधना मिश्रा मोना ने साफ तौर पर कहा कि जब सब के बजट में कटौती ही की गयी है तो देश में विकसित कौन होगा?। नेता द्वय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस नई योजना या अतिरिक्त बजट का प्राविधान नहीं है। उन्होंने कहा कि मात्र नारे ही नारे हैं, जमीन स्तर पर कुछ भी नहीं है।
सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक मोना ने कहा है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जब बजट प्रस्तुत कर रहीं थीं तो भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के चेहरों पर निराशा और हताशा साफ झलक रही थी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के कुल नौ बजट में यह सबसे खराब बजट है, इस बजट से आज देश को निराशाा हुई है।



