राष्ट्रगान की तरह ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगौरव का दर्जा देने के निर्णय का राम नाईक द्वारा स्वागत।
'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम 1971’ में संशोधन कर ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देने के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने पर उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है.

राष्ट्रगान की तरह ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगौरव का दर्जा देने के निर्णय का राम नाईक द्वारा स्वागत।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
मुंबई, 8 मई।
‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम 1971’ में संशोधन कर ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देने के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने पर उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है.
संसद में ‘वंदे मातरम्’ और ‘राष्ट्रगान’ के गायन की परंपरा शुरू करने वाले श्री राम नाईक ने कहा, “देश का संविधान तैयार करने वाली समिति ने अपनी कार्यवाही में ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ को समान दर्जा दिया था, लेकिन अब तक ‘वंदे मातरम्’ को ‘राष्ट्र गौरव’ का कानूनी दर्जा प्राप्त नहीं होने के कारण कुछ लोग ‘वंदे मातरम्’ और परिणामस्वरूप राष्ट्र का अपमान करने का साहस करते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ में संशोधन कर ‘वंदे मातरम्’ पर भी राष्ट्रगान के समान सभी नियम और प्रतिबंध लागू करने की आवश्यकता थी”।
उन्होंने आगे कहा कि जब यह संशोधन संसद के समक्ष मंजूरी के लिए आए, तब संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों को सर्वसंमति से इसे पारित करना चाहिए और सभी सांसदों को अपनी राष्ट्रभक्ति का परिचय देना चाहिए।

