सत्प्रेरणा ने आयोजित की गौरवशाली परंपरा विषयक संगोष्ठी।
स्वामी विवेकानंद जी जयंती और मकर संक्रांति के अवसर पर सत्प्रेरणा द्वारा नगर के मीरा भवन में भारत की गौरवशाली परंपरा विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

सत्प्रेरणा ने आयोजित की गौरवशाली परंपरा विषयक संगोष्ठी।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
प्रतापगढ़, 17 जनवरी।
स्वामी विवेकानंद जी जयंती और मकर संक्रांति के अवसर पर सत्प्रेरणा द्वारा नगर के मीरा भवन में भारत की गौरवशाली परंपरा विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर भारतीय पंचांग का विधिवत पूजन किया गया एवं पूज्य पुरोहितों को अंगवस्त्र, पंचांग देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, अति विशिष्ट अतिथि, जिला संघचालक चिंतामणि द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा हरिओम मिश्र, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता शिव प्रकाश मिश्र सेनानी, नई दिल्ली बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष आलोक कुमार पाण्डेय, बृजेंद्र सिंह छोटे भैया उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एमडीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम का संयोजन ज्योतिषाचार्य आलोक ऋषिवंश और आयोजन व संचालन डॉ सौरभ पाण्डेय ने किया।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि उदयभान करवरिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति समरसता का संदेश देती है। अनादि काल से भारत में एक दूसरे के प्रति सम्मान और प्रेम का भाव रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक दूसरे के लिए पूरक रहा है। भारतीय पंचांग दर्शन ज्योतिष, खगोल और विज्ञान का ऐसा अद्भुत समन्वय है जिसके आधार पर आने वाले हजार वर्ष बाद भी होने वाली खगोलीय घटनाओं के बारे में आसानी से बताया जा सकता है। यह गौरव सिर्फ और सिर्फ भारतीय संस्कृति को प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा सबको साथ लेकर चलने वाली है। वसुधैव कुटुंबकम की भावना हमारी संस्कृति का आधार है। समाज का समाज की एकता में ही राष्ट्र की शक्ति है। हम एकजुट रहेंगे तो राष्ट्र गौरवशाली होगा और परम वैभव के शिखर तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता को पूरे विश्व में स्थापित किया।
उन्होंने संपूर्ण समाज के लिए अपने कार्य के आधार पर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया और हिंदू धर्म को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। मकर संक्रांति का पावन पर्व समरसता का संदेश देता है। हम सभी अपने-अपने क्षेत्र में कार्य करते हुए संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट करने का कार्य करें।
भाजपा नेता आलोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि पुरोहित समाज के प्रत्येक वर्ग के को जोड़ने का काम करता है। सभी मांगलिक कार्यक्रमों और वैदिक अनुष्ठानों में समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पुरोहित हमेशा अपने यजमान के हित की बात सोचता है।
उन्होंने कहा कि समरसता का भाव स्थापित करने में पुरोहितों की बड़ी भूमिका होती है। आज समाज में विघटनकारी शक्तियां विभेद पैदा करने का प्रयास करती हैं और सनातन परंपराओं के मूल को नष्ट करने का प्रयास करती हैं। लेकिन हम सभी को सचेत रहकर समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ में जोड़कर हिंदू समाज को सशक्त करते हुए एकजूट होकर राष्ट्र की उन्नति के लिए कार्य करना है।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र ने कहा कि हमारा मूल कर्तव्य समाज को जोड़ने का है। समाज का कोई भी व्यक्ति हमसे दूर नहीं जाना चाहिए। हम सभी को एक साथ लेकर चलने वाले लोग है। हमें सभी को जोड़ने के लिए सतत प्रयास करते रहना चाहिए। हम एक बने रहेंगे तो भारत परम वैभव के शिखर तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता।
प्रमुख वक्ता शिव प्रकाश मिश्र सेनानी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में समरसता के कार्य को बढ़ावा मिलता है। समय-समय पर समाज को एकजुट करने के लिए हिंदू समाज को सशक्त बनाने के लिए हम सभी को अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉक्टर शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सभी पुरोहितों पर पुष्प वर्षा करके सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में शंख ध्वनि और वेदमन्त्रो के उच्चारण से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।
इस अवसर पर सिंधुजा मिश्रा, नितेश खंडेलवाल, संजीव आहूजा, पिंकी दयाल, लक्ष्मी सिंह, अश्विनी केसरवानी, सुनील दुबे, तुषार दत्त मिश्र, विनोद पाण्डेय, प्रवीण मौर्य, अनिल सिंह, ज्योतिमा सिंह, राम जी मिश्र, अनीता पाण्डेय, दिनेश अग्रहरि, डॉ अद्भुत, अनिल श्रीवास्तव समेत तमाम गणमान्य उपस्थित रहे।




