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उत्तरप्रदेशलखनऊ

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक नागपुर में 5 जुलाई को।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने मीडिया से कहा कि संगठन ने कभी बदले की भावना से निर्णय नहीं लिए। समय समय पर मूल्यांकन जरूरी है।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक नागपुर में 5 जुलाई को।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज
लखनऊ, 21 जून।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने मीडिया से कहा कि संगठन ने कभी बदले की भावना से निर्णय नहीं लिए। समय समय पर मूल्यांकन जरूरी है।

22 जून 2025 से 17 जून 2026 तक एक वर्ष में 50 कार्यक्रम करके संगठन ने नया रिकॉर्ड बनाया है। नागपुर बैठक अहम होगी।राष्ट्रीय अध्यक्ष 4 जुलाई को नागपुर पहुंचेंगे।

देश भर में समाज में जनजागृति स्पष्ट दिखाई दे रही है। हक और अधिकार मांगना होगा। वक्त के साथ चलना होगा।

आज मिशन क्षत्रिय अभियान खाड़ी से पहाड़ी तक सामूहिक एकता और एकजुटता लाए।

उन्होंने कहा कि हर जिले में संस्कार शिविर कार्यशालाएं जरूरी है। अस्तित्व बचाने हेतु कट्टर कैडर कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की जरूरत है। राष्ट्रीय पदाधिकारियों और प्रदेश अध्यक्षों को रोडमैप बनाकर सड़कों पर उतरना होगा। पदाधिकारियों की संख्या तो बहुत है पर जिम्मेदारी लेकर दायित्वों के साथ न्याय नहीं करते।

पूरे राष्ट्र में तीन-तीन पद यात्राएं संचालित कर चुके वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू मानते हैं कि संगठन में क्षात्र धर्म के इसी अंग की आवश्यकता है। लोगों को भ्रम व अज्ञान से निकालकर उन्हें सत्य के पक्ष में संघर्ष के लिए निर्भय बनाना होगा। यही क्षात्र धर्म है।

उन्होंने कहा कि क्षात्र धर्म का अर्थ प्रायः लोग युद्ध लड़ने से समझने लगे हैं। इस भ्रांत धारणा को मिटाना होगा। आवश्यकता पड़ने पर दुष्टों के विरुद्ध युद्ध करना क्षात्र धर्म का एक अंग है। लेकिन क्षात्र धर्म इससे भी अधिक विशाल है।

लोगों की दरिद्रता, अज्ञान, मानसिक दुर्बलता व आत्मिक दुर्बलता से रक्षा करना और इन्हें उत्पन्न करने वाली दुष्ट शक्तियों से संघर्ष करना भी क्षात्र धर्म का प्रमुख अंग है।

राघवेन्द्र सिंह राजू मानते हैं कि समाज में अमीर का जमीर गिरता जा रहा है। मध्यम वर्ग को फुर्सत नहीं। संगठन मंथन से दूर है। हम कमजोरियों को नजरअंदाज करते जा रहे हैं। यह चिंतनीय है। हमें निष्ठावान और समर्पित लोगों का सम्मान करना चाहिए।

DrShakti KumarPandey

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स और यूएनआई के पत्रकार रहे हैं। आजकल 'ग्लोबल भारत' मासिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के प्रधान सम्पादक हैं।

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