ब्रेकिंग
प्रतापगढ़ में समझौते के बाद भी हुआ कत्ल! 15 साल पुरानी रंजिश में सलीम की गोली मारकर हत्या, दहला मांध... प्रतापगढ़ का 'द केरल स्टोरी': 12 साल बाद 'शेर अली' से फिर संतोष शुक्ल बने, मंत्रोच्चार के बीच हुई घर... पूरे बेंदुआ में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन हुआ। कुंडा में चरमराती कानून-व्यवस्था! जाम से जकड़ा शहर, अवैध गतिविधियों की चर्चाएं तेज—नवागत कोतवाल मनोज... उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ प्रतापगढ़ की मांधाता इकाई द्वारा विकासखंड मुख्यालय पर कार्यशाला स... करुणा शंकर मिश्र अध्यक्ष और कौशलेश त्रिपाठी बने महामंत्री CBSE बोर्ड परीक्षा: कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ 12वीं फिजिक्स का पेपर, शिक्षकों ने बढ़ाया छात्रों का ... संग्रामगढ़ में 3 दिन से लापता युवक का शव तालाब में मिला, इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम प्रदेश सरकार की दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी का प्रदर्शन। और अब विश्वविद्यालय की परीक्षा में चंद्रगुप्त मौर्य की जाति पर सवाल पूंछे गए।
Global भारत न्यूज़उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

भरतगढ़ ग्रामसभा में कोटेदार की मनमानी से फूटा जनाक्रोश, फिंगरप्रिंट के बाद भी गरीबों को नहीं मिला राशन, जांच को पहुंचे सप्लाई इंस्पेक्टर के आते ही दुकान बंद कर फरार हुआ कोटेदार, बार-बार निलंबन के बावजूद बहाली पर उठे सवाल, घटतौली और दबंगई के आरोपों से घिरी सार्वजनिक वितरण व्यवस्था, प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज

बार-बार निलंबन के बावजूद बहाली, घटतौली और मनमानी से आक्रोशित कार्ड धारकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

ग्लोबल भारत न्यूज से अभिषेक पाण्डेय 

कुंडा विकास खंड के बाबागंज ब्लॉक की भरतगढ़ ग्रामसभा में बुधवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि ग्रामसभा के कोटेदार बृजेश चंद्र द्विवेदी ने कई राशन कार्ड धारकों से बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट) कराने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया। इस मनमानी से नाराज़ कार्ड धारकों ने हंगामा करते हुए सप्लाई विभाग से शिकायत की।ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार द्वारा यह हरकत पहली बार नहीं की गई है। आए दिन घटतौली की जाती है और कई बार फिंगर लगवाने के बाद भी कार्ड धारकों को राशन नहीं मिलता। शिकायत मिलने पर सप्लाई इंस्पेक्टर शिवकुमार मिश्र जांच के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचते ही कोटेदार दुकान बंद कर फरार हो गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोटेदार बृजेश चंद्र द्विवेदी पहले भी कई बार इसी तरह की शिकायतों में निलंबित हो चुका है, लेकिन हर बार जांच के नाम पर मामले को दबा दिया जाता है और कुछ समय बाद दुकान फिर से बहाल कर दी जाती है। बार-बार बहाली से कोटेदार के हौसले बुलंद हैं और वह बेखौफ होकर अनियमितताएं कर रहा है।

कार्ड धारकों का आरोप है कि कोटेदार की दबंगई और कथित राजनीतिक रसूख के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे गरीब और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को अपना हक नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

मौके पर पहुंचे सप्लाई इंस्पेक्टर शिवकुमार मिश्र ने दुकान की जांच की और राशन कार्ड धारकों के बयान दर्ज किए। उन्होंने बताया कि शिकायतों की जांच की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार कोटेदार पर सख्त कदम उठाएगा या फिर मामला एक बार फिर जांच तक ही सीमित रह जाएगा।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button