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बाघराय पुलिस की कारस्तानी: परिजन लगा रहे थे हत्या का आरोप, लिख दिया मारपीट का मुकदमा

मृतक युवक के परिजन पहुंचे एसपी के दरबार, लगाई न्याय की गुहार एसपी ने मुकदमे में धारा बढ़ाने का दिया आश्वासन, सीओ सदर करेंगी जांच

प्रतापगढ़। बाघराय पुलिस की एक हास्यास्पद कारस्तानी सामने आई है। होली के दिन बाजा बजाने को लेकर हुई मारपीट के बाद शाम को होली मिलने निकला युवक रात में घर वापस नहीं लौटा। सुबह मरणासन्न अवस्था में खेत में पड़ा मिला। परिजनों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। परंतु बाघराय पुलिस ने खेल करते हुए हत्या का मुकदमा लिखने के बजाए दिन में हुई मारपीट का मुकदमा लिखकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली। मंगलवार को युवक के परिजन एसपी के दरबार में पहुंचे और फरियाद लगाई। परिजनों के मुताबिक एसपी ने पूर्व में ही दर्ज मुकदमे में धारा बढ़ाने का आश्वासन दिया साथ ही मामले की जांच सीओ सदर से कराने की भी बात कही है।
बाघराय थाना क्षेत्र के बरबसपुर गांव में होली के दिन दोपहर में डीजे पर गाना बजाने को लेकर दो पक्षों के युवक आपस में भिड़ गए थे। परिवार के बड़ों ने युवकों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया था। शाम को एक पक्ष का सुरेंद्र कुमार पड़ोस के गांव गोगौर में होली मिलने जाने की बात कहकर घर से निकला। देररात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सुबह सुरेंद्र मरणासन्न दशा में खेत में पड़ा मिला। उसके सिर और सीने पर गंभीर चोट के निशान थे। परिजनों ने उसे इलाज के लिए प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया था। जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची बाघराय पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा लिखने के बजाए पुलिस ने मृतक के भतीजे से दिन में हुई मारपीट की तहरीर लेकर मुकदमा लिख दिया और पल्ला झाड़ लिया। जबकि पंचनामा में पुलिस ने खुद ही चोटों से मृत्यु होने की बात लिखी। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गंभीर चोटों से मौत होने की पुष्टि हुई। मृतक के परिजन लगातार पुलिस से मुकदमा लिखने और कार्रवाई करने की गुहार लगाते रहे। परंतु बाघराय पुलिस परिजनों को भ्रमित करती रही। इसके बाद मृतक की पत्नी संगीता ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई। संगीता ने बताया कि एसपी ने थानाध्यक्ष को पूर्व में दर्ज मुकदमे में ही धारा बढ़ाने और सीओ सदर से पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि बाघराय पुलिस आरोपों के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी या फिर इस मामले में भी पीड़ित परिजनों को कार्रवाई के नाम पर महज झुनझुना ही पकड़ा दिया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे मृतक सुरेंद्र के परिजन

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