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कुंडा में चरमराती कानून-व्यवस्था! जाम से जकड़ा शहर, अवैध गतिविधियों की चर्चाएं तेज—नवागत कोतवाल मनोज पांडेय के सामने भरोसे की बड़ी परीक्षा

नवागत कोतवाल मनोज पांडेय के कार्यभार के बाद बढ़ी चर्चाएं: पूर्व सख्ती से तुलना, बाजारों में रोज़ जाम और एंबुलेंस तक फंसी रफ्तार, एसडीएम आवास के सामने घंटों जाम से उठे सवाल, अवैध नशा कारोबार की फिर गर्माहट, कोतवाली क्षेत्र के कुछ होटलों पर नियम उल्लंघन के आरोप, नाबालिगों को ठहराने की आशंका पर जांच की मांग, सभ्य मोहल्लों के माहौल को लेकर चिंता—अब कानून-व्यवस्था सुधारना ही भरोसा बहाली की असली कसौटी

कुंडा में कानून-व्यवस्था पर गहराता सवाल: जाम, ढिलाई और अवैध गतिविधियों की चर्चाओं के बीच कसौटी पर कोतवाल मनोज पांडेय

नवागत कोतवाल के सामने भरोसा बहाली की चुनौती

प्रतापगढ़ जिले के कुंडा कोतवाली में नवागत कोतवाल मनोज पांडेय के कार्यभार संभालते ही क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि जिन मुद्दों पर पहले सख्ती और नियंत्रण की तस्वीर दिखती थी, वहां अब ढिलाई की शिकायतें क्यों बढ़ रही हैं।
पूर्व कोतवाल अवन दीक्षित के कार्यकाल में अवैध गतिविधियों पर अंकुश और बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सख्ती की चर्चा आम थी। नागरिकों का कहना है कि उस दौरान निगरानी और त्वरित कार्रवाई से व्यवस्था अपेक्षाकृत संतुलित बनी रहती थी।

बाजारों में रोज़ जाम, एंबुलेंस तक बेबस

इन दिनों प्रमुख बाजारों और चौराहों पर जाम की स्थिति आम होती जा रही है। घंटों तक वाहन फंसे रहने से आमजन, व्यापारी और राहगीर सभी परेशान हैं। कई बार आपातकालीन सेवाओं को भी रास्ता बनाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
मंगलवार को एसडीएम आवास, कुंडा के ठीक सामने लंबे समय तक भीषण जाम लगा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार काफी देर तक यातायात सामान्य नहीं हो सका। प्रशासनिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में ऐसी स्थिति ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नशा कारोबार पर फिर उठती फुसफुसाहट

स्थानीय चर्चाओं में यह भी सामने आ रहा है कि कुछ इलाकों में अवैध नशा कारोबार से जुड़े तत्व दोबारा सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है, लेकिन यदि ऐसी गतिविधियां पनप रही हैं तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत हो सकता है। जनता चाहती है कि इन आशंकाओं की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने लाई जाए।

होटलों की गतिविधियों पर निगरानी की मांग
कोतवाली क्षेत्र में संचालित कुछ होटलों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रतिष्ठानों, जिनमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म OYO Rooms से जुड़े होटल भी बताए जा रहे हैं, में नियमों के अनुपालन को लेकर ढिलाई बरती जा रही है।
नागरिकों का कहना है कि पहचान सत्यापन और आयु संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यदि कहीं भी नाबालिगों को नियमों के विरुद्ध ठहराने जैसी गंभीर अनियमितता हो रही है, तो यह अत्यंत संवेदनशील विषय है और तत्काल जांच की मांग करता है।
प्रशासनिक सक्रियता ही लौटाएगी भरोसा
कुंडा में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर उठते सवाल केवल आलोचना नहीं, बल्कि सुधार की अपेक्षा भी हैं। ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करना, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाना, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की समय-समय पर जांच करना—ये सभी कदम भरोसा बहाली की दिशा में अहम साबित हो सकते हैं।
नवागत कोतवाल मनोज पांडेय के सामने चुनौती स्पष्ट है—व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाना और जनता के मन में सुरक्षा व विश्वास की भावना को मजबूत करना। अब देखना यह है कि प्रशासन इन उठते सवालों का जवाब जमीनी कार्रवाई से कितनी जल्दी देता है।

GLOBAL भारत न्यूज से अभिषेक पाण्डेय

 

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