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सकारात्मक पत्रकारिता ही राष्ट्र की आत्मा है: ओम प्रकाश

विभाग प्रचारक श्री ओमप्रकाश जी प्रतापगढ़ में आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राध्यापक पत्रकार डा० शक्ति कुमार पाण्डेय ने किया।

सकारात्मक पत्रकारिता ही राष्ट्र की आत्मा है: ओम प्रकाश

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज
प्रतापगढ़, 10 मई।

विभाग प्रचारक श्री ओमप्रकाश जी प्रतापगढ़ में आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राध्यापक पत्रकार डा० शक्ति कुमार पाण्डेय ने किया।

विश्व संवाद केंद्र प्रतापगढ़ काशी प्रांत के संयोजकत्व में अफीम कोठी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का प्रारंभ देवर्षि नारद जी के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन करके किया गया।

इस मौके पर जिले के पत्रकार बंधुओ को अंगवस्त्र प्रदान करके सम्मानित किया गया।

नारद जयंती कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए विभाग प्रचारक श्री ओम प्रकाश जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति के प्रथम पत्रकार के रूप में देवर्षि नारद को माना जाता है, क्योंकि वे तीनों लोकों में भ्रमण कर संवादों (खबरों) का संप्रेषण करते थे। उन्हें लोक कल्याण की भावना से सूचनाएं पहुँचाने वाला पहला दार्शनिक और समाचार वाहक माना जाता है।

उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद की जयंती प्रतिवर्ष ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। कई जगह इस दिन पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है।

देवर्षि नारद भारतीय संस्कृति में संचार और सूचना के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने संदेशवाहक और संवादकर्ता के रूप में जो भूमिका निभाई, वही आगे चलकर पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों से जुड़ती दिखाई देती है।

विभाग प्रचारक ने कहा कि भारत जैसे देश में और भारतीय लोकतंत्र में पत्रकारिता को ‘चौथा स्तंभ‘ कहा जाता है, और यह उपाधि केवल एक औपचारिक संज्ञा नहीं है। यह उस जिम्मेदारी का प्रतीक है जो हर पत्रकार, हर संपादक, और हर मीडिया संस्थान के कंधों पर है। जिस तरह विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका लोकतंत्र के तीन स्तंभ हैं, उसी तरह पत्रकारिता इन तीनों पर नजर रखने और जनता को सूचित करने का काम करती है, भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में, जहां 1.4 अरब से अधिक लोग रहते हैं, 22 आधिकारिक भाषाएं हैं, और हजारों संस्कृतियां एक साथ फलती-फूलती हैं, पत्रकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यहां पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता, सामाजिक न्याय, और सतत विकास का साधन है। डिजिटल तकनीक ने पत्रकारिता को लोकतांत्रिक बनाया है। अब छोटे शहरों के पत्रकार भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी बात रख सकते हैं। यूट्यूब, पॉडकास्ट, और ब्लॉग ने नए अवसर खोले हैं। डेटा जर्नलिज्म, मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग, और इंटरैक्टिव रिपोर्टिंग ने पत्रकारिता को अधिक प्रभावी बनाया है। स्मार्टफोन और इंटरनेट के युग में हर नागरिक संभावित पत्रकार है।

उन्होंने कहा कि नागरिक पत्रकारिता ने कई महत्वपूर्ण घटनाओं को सामने लाया है। हालांकि, पेशेवर पत्रकारिता का महत्व इसलिए है क्योंकि यह सत्यापन, संदर्भ, और नैतिकता सुनिश्चित करती है। आने वाले वर्षों में, जैसे-जैसे भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ेगा, पत्रकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी। डिजिटल तकनीक, नए मीडिया प्लेटफॉर्म, और वैश्विक संपर्क के साथ, भारतीय पत्रकारिता के पास अभूतपूर्व अवसर हैं। लेकिन इन अवसरों के साथ जिम्मेदारियां भी आती हैं – सत्य की रक्षा करना, निष्पक्ष रहना, और जनहित में काम करना। पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं है; यह एक मिशन है। और इस मिशन में शामिल होने के लिए, नई पीढ़ी को आगे आना चाहिए – सही कौशल के साथ, मजबूत नैतिक मूल्यों के साथ, और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता के साथ।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डा० शक्ति कुमार पांडेय ने कहा कि स्वस्थ पत्रकारिता के द्वारा ही समाज सही दिशा में आगे बढ़ सकता है।

कार्यक्रम का संचालन जिला प्रचार प्रमुख अंकुरजी ने एवं विषय प्रवर्तन प्रभा शंकर जी ने किया।

प्रमुख पत्रकारों में अजय पांडेय, गिरीश कुमार, गणेश राय, देवेन्द्र नारायण, दिनेश दुबे, अभय प्रताप सिंह, पुनीत ओझा, अर्पित शुक्ला, अतिथि शर्मा, आदित्य मिश्रा, अजय ओझा, विवेक पांडेय, गिरिजेश त्रिपाठी, संतोष पांडेय, डीके शर्मा, अनूप उपाध्याय, विनय पाठक, शिवेश शुक्ला, अतुल तिवारी आदि उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में माननीय विभाग संघचालक रमेश जी, विभाग कार्यवाह हरीश जी, माननीय जिला संघचालक चिंतामणि जी, जिला कार्यवाह हेमन्त कुमार, गिरिजा शंकर जी, अशोक सिंह, रघुवीर जी, जगदम्बा जी, शिव शंकर , सुनील मौर्य, अमित जी, धीरज जी, प्रभात मिश्र, आशुतोष सिंह, नरेंद्र तिवारी, अनुज, रंजय मिश्र, गोकुल श्रीवास्तव, शिव सोनी, अजय पांडेय, रवि विश्वकर्मा, राज, आशीष, अशोक राय, जय प्रकाश, आशुतोष शुक्ला, रंगनाथ, कुल भास्कर, बृजलाल, कुल भास्कर, ध्रुव शर्मा, अमित शर्मा, अवनीश श्रीवास्तव, शिव किशोर, कार्तिकेय, राजनरायन, राजेश मिश्रा, अनिल दुबे, पुनीत ओझा, रवीश, रविकांत, अजीत, मान सिंह आदि उपस्थित रहे।

आभार नगर प्रचार प्रमुख श्री विवेक पांडेय ने प्रकट किया।

DrShakti KumarPandey

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स और यूएनआई के पत्रकार रहे हैं। आजकल 'ग्लोबल भारत' मासिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के प्रधान सम्पादक हैं।

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