भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कमेटी प्रतापगढ़ द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन।
इस अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी को सौंपा गया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कमेटी प्रतापगढ़ द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज
प्रतापगढ़ 27 जुलाई 2026
इस अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी को सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि भाजपा सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को तहस नहस कर दिया है। आर. एस. एस. शिक्षा व्यवस्था को दीमक की तरह अन्दर ही अन्दर खोखला कर रहा है। नई शिक्षा नीति 2020 आर.एस.एस. के दिमाग की उपज है जो शिक्षा को निजीकरण, बाजारीकरण और सम्प्रदायीकरण की तरफ ले जा रही है, प्रतिवर्ष नया सेल्बस, नई पुस्तकें, फीस वृद्धि अभिभावकों और छात्रों की कमर तोड़ रही है। पेपर लीक ने तो छात्रों का भविष्य ही बर्बाद कर दिया है कुछ छात्रों के सामने उम्र आड़े आ रही है उनके भविष्य के सामने प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है।
शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का केवल इस्तीफा ही समस्या का समाधान नहीं है। पूरी की पूरी शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। नई दिल्ली जंतर-मंतर पर पुलिस और सादी वर्दी में भाजपा के बित्त पोषित गुन्डों द्वारा छात्रों के साथ जो बहशियाना अन्दाज में बर्बरता की गई है वैसी दुनियां के किसी भी देश में नहीं हुआ है। पैलेट गन और कील लगी लाठियों का बर्बर इस्तेमाल हुआ है इसके लिए सीधे -सीधे गृहमंत्री जिम्मेदार हैं उनके उपर प्राइमाफेसी मुकदमा बनता है उनको प्रथम दृष्टया दोषी मानकर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
हमारे संविधान का आर्टिकल 19 हमको असहमति, शिक्षा, रोजगार और जीवन का अधिकार देता है जिसको संविधान का आर्टिकल 21 एप्रूव करता है। भाजपा सरकार ने गैर संवैधानिक तरीके से छात्रों के संवैधानिक मूल अधिकारों पर हमला किया है। आर. एस. एस. के साथ ही प्रधानमंत्री भी बराबर के जिम्मेदार हैं उनको भी सार्वजनिक रूप से छात्रों, अभिभावकों और देश की जनता से माफी मांगते हुए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से हट जाना चाहिए।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई, शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पेपर लीक, शिक्षा और छात्रों का अपराधी करार देते हुए कठोर से कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए, नई शिक्षा नीति 2020 को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए,शिक्षा को आर. एस. एस. के चंगुल से बाहर निकालने के साथ ही पूरे देश में एक तरीके की शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए, शिक्षा के निजीकरण, बाजारीकरण और सम्प्रदायीकरण की प्रक्रिया पर अविलम्ब रोक लगाया जाए, नई दिल्ली जंतर-मंतर पर आन्दोलन रत छात्रों पर जबरन गैर कानूनी तरीके से की गई एफ. आई. आर. को बिना शर्त तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाये, छात्रों के ऊपर किए गए बर्बर लाठीचार्ज, लड़कियों के साथ की गई बदसलूकी की न्यायिक जांच कराई जाए,जंतर-मंतर पर छात्रों पर किए गए बर्बर लाठीचार्ज को जघन्य अपराध मान कर पुलिस और सादी वर्दी में शामिल भाजपा के गुर्गों को चिन्हित कर उनके ऊपर एफ. आई. आर. करके फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर अविलम्ब सजा दिलाई जाये, जंतर-मंतर पर आन्दोलनरत छात्रों पर की गई बहशियाना क्रूरता के लिए गृहमंत्री को प्रथम दृष्टया दोषी मानकर केन्द्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए,सरकारी, गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में बढ़ी हुई फीस वृद्धि को शीघ्रातिशीघ्र वापस लिया जाए।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य परिषद के सदस्य हेमंत नंदन ओझा, पूर्व जिला मंत्री रामबरन सिंह, मंत्री परिषद के सदस्य निर्भय प्रताप सिंह, विवेक श्रीवास्तव, आलोक सिंह आदि प्रमुख थे।



