नरेंद्र मोदी की विदेश नीति में भटकाव हमारे लिए आत्मघाती होगी: प्रमोद तिवारी
राज्य सभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा कि इसी गलत विदेश नीति के कारण देश में आज गैस का संकट उत्पन्न हुआ है।

नरेंद्र मोदी की विदेश नीति में भटकाव हमारे लिए आत्मघाती होगी: प्रमोद तिवारी
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
प्रतापगढ़, 6 अप्रैल।
राज्य सभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा कि इसी गलत विदेश नीति के कारण देश में आज गैस का संकट उत्पन्न हुआ है।
श्री प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारत अपनी एलपीजी गैस की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा अरब देशों से और और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात करता है। मुख्य रूप से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, और कुवैत से लाखों टन एलपीजी गैस हर साल आती है। खाड़ी देशों से बहुत अधिक मात्रा में भारत की गैस की आपूर्ति होती है।
सरकार ने अभी पिछले लगभग एक माह पूर्व ₹60 प्रति सिलेंडर एलपीजी गैस के दाम बढ़ाए थे और पिछले तीन माह में कमर्शियल सिलेंडर 525 रुपए महंगा हुआ। 1 जनवरी को 111 रुपए, एक फरवरी को 50 रुपए, एक मार्च को 31 रुपए, 7 मार्च को 115 रुपए, एक अप्रैल को 218 रुपए प्रति सिलेंडर महंगा किया।
उन्होंने बताया कि तेल के मामले में रूस से लगभग 17.5 लाख बैरल प्रतिदिन, ईराक से लगभग 10 लाख बैरल प्रतिदिन, सऊदी अरब से लगभग 6.02 बैरल प्रतिदिन, यूएई से लगभग 4.3 लाख बैरल प्रतिदिन, कुवैत से लगभग 1.2 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आयात करता है। कुल मिलाकर भारत लगभग 20 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आयात करता है।
उन्होंने कहा कि इसीलिए देश की आजादी के बाद जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेई आदि ने ईरान, इराक, और खाड़ी देशों से बेहतर संबंध बनाए रखे। क्योंकि वे हमें सस्ते दामों पर कच्चा तेल और गैस आपूर्ति करते थे। क्योंकि हमारे पास कच्चा तेल और गैस कम थी।
श्री तिवारी ने कहा कि 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.48 थी जैसे बढ़कर वर्ष 2020 में 32.98 कर दिया गया। इसी प्रकार वर्ष 2014 में डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 3.56 थी जिसे वर्ष 2020 में बढ़कर 31.83 कर दिया गया। इस तरह से लगभग 28 लाख करोड रुपए की कमाई की गई।
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि इसका लाभ उपभोक्ताओं को ना मिलकर सरकार को हुआ और तेल कंपनियों को हुआ। इनमें अदानी की कंपनी, अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज, और शेल कंपनियां प्रमुख हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के घोटाले में यह एक बड़ा घोटाला है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिका परस्त नीति के कारण से तमाम खाड़ी देश हमसे विमुख हो गए हैं और आज यह संकट उत्पन्न हुआ है। लेकिन मोदी सरकार संसद के अंदर भी कह रही है कि पूरे देश में गैस एवं तेल की नियमित आपूर्ति की जा रही है। अगर ऐसा है तो गैस एजेंसी पर लंबी-लंबी लाइनें क्यों लग रही हैं, लोगों को दुगने तिगने दाम पर गैस ब्लैक में क्यों लेना पड़ रहा है। बड़े शहरों से मजदूर गांव की ओर पलायन क्यों कर रहे हैं।
श्री तिवारी ने कहा कि पिछले 5 सालों में मोदी जी के मित्रों ने लगभग 28 लाख करोड रुपए का शुद्ध मुनाफा पुराना घाटा पूरा करने के बाद कमाया है। उस समय मोदी सरकार का जवाब था कि इन कंपनियों को तैयार किया जा रहा है कि अगर समस्या आए तो किसी संकट का सामना न करना पड़े।
वर्तमान चुनाव की बात करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पांडिचेरी में भाजपा चुनाव हार रही है और केंद्रीय चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के फ्रंटल आर्गेनाइजेशन की तरह काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ट्रंप ने 39 बार कहा कि हमने भारत में सीजफायर कराया है और मोदी जी इस बात का संसद में खंडन नहीं कर सके।
डोनाल्ड ट्रंप का प्रचार करने के लिए मोदी अमेरिका तक चले गए। आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी धर्म की राजनीति नहीं करेगी सभी धर्म मजहब को इज्जत देती है। इसीलिए वह पहले की तरह सेकुलर पॉलिसी पर ही चलेगी।
इस मौके पर उनके साथ पंडित श्याम किशोर शुक्ला, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ नीरज त्रिपाठी कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष महेंद्र शुक्ला, कांग्रेस नेता प्रशांत देव शुक्ल, मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ला, काशीनारायण मिश्रा आदि उपस्थित रहे।



