ब्रेकिंग
अजगरा पुरातत्व संग्रहालय में रखी प्राचीन पांडुलिपियों का परीक्षण। स्वास्थ्य के क्षेत्र में में डाॅ. अलका तिवारी का योगदान अविस्मणीय- एसडीएम प्रतापगढ़ में बड़ा सड़क हादसा: डाला पलटने से 20 श्रद्धालु घायल, राजा भइया ने पहुंचाया अस्पताल प्रतापगढ़ में हैवानियत: युवती से सामूहिक दुष्कर्म के विरोध पर हत्या, शव पेड़ से लटकाया कबीर शांति मिशन का 36वाँ स्थापना दिवस सम्पन्न हुआ। मंगलवार 28 अप्रैल को अमृत भारत ट्रेन को प्रतापगढ़ में दिखाई जाएगी हरी झंडी। राजभवन बेंती कुंडा में आने वाले फरियादियों को अब भोजन कराके भेजेंगे राजा भैया। लेडी सिंघम के नाम से मशहूर श्रेष्ठा ठाकुर एटीएस लखनऊ का एएसपी बनाया गया। स्मार्ट प्रिपेड मीटर के विरोध में कांग्रेस जनों का प्रदर्शन। प्रगतिशील ब्राह्मण कल्याण समिति ने परशुराम जन्मोत्सव का आयोजन किया।
उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

अजगरा पुरातत्व संग्रहालय में रखी प्राचीन पांडुलिपियों का परीक्षण।

भारत सरकार की ओर से चलाये जा रहे ज्ञान भारतम् अभियान के अन्तर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय -कला केन्द्र वाराणसी के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर डा० रजनी कान्त त्रिपाठी ने पुरातत्व संग्रहालय अजगरा का निरीक्षण किया।

अजगरा पुरातत्व संग्रहालय में रखी प्राचीन पांडुलिपियों का परीक्षण।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
प्रतापगढ़, 27 अप्रैल।

भारत सरकार की ओर से चलाये जा रहे ज्ञान भारतम् अभियान के अन्तर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय -कला केन्द्र वाराणसी के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर डा० रजनी कान्त त्रिपाठी ने पुरातत्व संग्रहालय अजगरा का निरीक्षण किया।

उल्लेखनीय है कि अपनी प्राचीन विरासत विभिन्न भाषाओं व लिपियों में महान ऋषियों, विद्वानों, एवं पूर्वजों द्वारा भोज पत्र, ताम्र पत्र एवं कागज आदि पर लिखी सैकड़ों वर्ष पुरानी पांडुलिपियों को सूचीबद्ध कर उनके संरक्षण के लिए एक कार्य योजना चलाई जा रही है।

इस योजना के अन्तर्गत गत दिवस वाराणसी से पधारे केन्द्र के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर डॉ. रजनी कांत त्रिपाठी ने प्रतापगढ़ जनपद के महाभारत कालीन यक्ष -युधिष्ठर संवाद स्थल अजगरा में साहित्यकार एवं पुरातत्व विद् डॉ.राजेश कुमार पाण्डेय उर्फ निर्झर प्रतापगढ़ी द्वारा संस्थापित पुरातत्व एवं लोक -कला संग्रहालय में उनके द्वारा खोजकर रखी गयी विभिन्न विषयों पर लिखी गई प्राचीन पांडुलिपियों का परीक्षण एवं अवलोकन कर छायांकन किया।

ज्ञात हो कि वर्ष -2005 में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देश पर राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन द्वारा चलाए गए खोज अभियान में निर्झर प्रतापगढ़ी ने सर्वाधिक सौ से अधिक पांडुलिपियों की खोज कर उनका संग्रह किया था जिसमें अभियान की अंतिम तिथि तक 84 पांडुलिपियां सूचीबद्ध की गई थीं।

इसके संबंध में पांडुलिपि मिशन द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से उन्हें प्रशस्ति पत्र भी मिला था ।

DrShakti KumarPandey

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स और यूएनआई के पत्रकार रहे हैं। आजकल 'ग्लोबल भारत' मासिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के प्रधान सम्पादक हैं।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button