ब्रेकिंग
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर प्रतापगढ़ में सरकारी बैंकों के समस्त अधिकारी कर्मचारी हड़... सिद्धार्थ नें किया प्रतापगढ़ को गौरवान्वित, UPSSSC की परीक्षा उत्तीर्ण कर बने कनिष्ठ सहायक उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा आर्थिक... वृद्धजनों का सम्मान उनकी सेवा करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों क... विकसित प्रदेश की सोंच पर युवा संवाद अजगरा महोत्सव तैयारी पर सीडीओ नें कहा शतप्रतिशत दायित्व निर्वाहन चाहिए प्रधान पुत्र पर प्रभारी प्रधानाध्यापक ने लगाया गंभीर आरोप,अवैध असलहा दिखाकर मुकदमा सुलह करने बना रहा... राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज सिंह पटेल का प्रतापगढ़ में हुआ भव्य स्वागत। प्रतिस्पर्धा कौशल ग्रेट डिबेट! कौन देगा यक्ष प्रश्न पर युधिष्ठिर का सटीक उत्तर? शिक्षक राष्ट्र और समाज के भविष्य के निर्माता: डॉ. निशाकांत ओझा
उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

भू-स्वामियों एवं ड्रिलिंग एजेन्सियों को अनुपालन के लिये जवाबदेह बनाया जाये एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार बोरवेल सुरक्षा नियमों का पालन न करने पर कठोर दंड लगाया जाये– डीएम।

निष्प्रयोज्य व असुरक्षित बोरवेल में बच्चो के बार बार गिरने की घटनाओं के सम्बन्ध में उच्चतम न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करायें- डीएम।

गौरव तिवारी जिला संवाददाता प्रतापगढ़

प्रतापगढ़। जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने समस्त जनपद स्तरीय अधिकारियों, तहसील स्तरीय, विकास खण्ड स्तरीय एवं नगर पालिका/नगर पंचायत स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निष्प्रयोज्य व असुरक्षित बोरवेल में बच्चों के बार बार गिरने की घटनाओं के सम्बन्ध में उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करायें।

उन्होने कहा है कि सभी निष्प्रयोज्य बोरवेल एवं ट्यूबवेल में प्रवेश रोकने के लिये उचित रूप से बन्द एवं भरा जाना चाहिये। भू-स्वामियों एवं ड्रिलिंग एजेन्सियों को अनुपालन के लिये जवाबदेह बनाया जाये। जनपद स्तर पर सभी बोरवेलों के पंजीकरण के लिये एक प्रणाली स्थापित की जाये। नागरिकों को खुले बोरवेल से जुड़े जोखिम और उन्हें सुरक्षित करने की उनकी जिम्मेदारी के बारे में शिक्षित करने के लिये गहन अभियान चलाया जाये। बोरवेल संचालकों को निर्माण या रख-रखाव के दौरान बोरवेल स्थलों के आस-पास सुरक्षात्मक अवरोध और चेतावनी के संकेत लगाये जाये। असुरक्षित बोरवेल की पहचान करने और उन्हें सम्बोधित करने के लिये समुदाय द्वारा संचालित रिपोर्टिंग तंत्र को लागू किया जाये। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार बोरवेल सुरक्षा नियमों का पालन न करने पर कठोर दंड लगाया जाये।

जनपद स्तर के अधिकारियों को सुरक्षा मापदण्डों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिये नियमित निरीक्षण किया जाये। यह भी निर्देश दिया गया है कि राष्ट्रीय प्रबन्धन प्राधिकरण (प्रचलन प्रभाग) किसी भी क्षमता में सहायता करने के लिये तैयार है, चाहे वह सार्वजनिक जागरूकता पहल के माध्यम से हो या सुरक्षित बोरवेल की निगरानी और रिर्पोटिंग के लिये तकनीकी समाधान विकसित करने के माध्यम से हो।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button