ब्रेकिंग
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का प्रांतीय सम्मेलन बर्फानी आश्रम अमरकंटक में संपन्न। जनता की समस्या को लेकर सक्रिय दिखे पूर्व मंत्री मोती सिंह, जनसुनवाई में सुनीं लोगों की फरियादें Assistant Professor of Allahabad Invited at UN-Linked International Judicial Conference in Cayman Is... उत्सव लॉन में लगी भीषण आग,फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू भीषण गर्मी में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का लचर प्रबंधन सरकार की नाकामी- प्रमोद तिवारी प्रतापगढ़ में ऑपरेशन प्रहार का बड़ा असर: ट्रक से 2.22 करोड़ का गांजा बरामद, 3 तस्कर गिरफ्तार पण्डित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित। आईएमए प्रतापगढ़ द्वारा विश्व थाइरोइड दिवस पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित। माता गुरगांव देवी मंदिर परिसर में बाबा नीम करौली की मूर्ति स्थापना। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का स्वागत और सम्मान समारोह सम्पन्न।
उत्तरप्रदेशधार्मिकप्रतापगढ़

देश व धर्म के लिए वीर साहिजादों का बलिदान अनुकरणीय- सरदार कुलदीप

वीर सपूतों की स्मृति में आरएसएस द्वारा वीर बाल दिवस पर आयोजित हुआ संगोष्ठी

प्रतापगढ़,27 दिसम्बर। नगर स्थित संघ कार्यालय केशव कुंज पर गुरुवार सांध्य को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आयोजकत्व में गुरु गोविन्द सिंह के वीर सपूतों की स्मृति में वीर बाल दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वीर सपूतों के चित्र के समक्ष श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार कुलदीप सिंह ने कहा कि वीर साहिजादो का बलिदान व्यक्तिगत या परिवार के लिए नहीं था ,बल्कि उनका बलिदान देश और धर्म के लिए था। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद इतिहास लेखन में हुई त्रुटियों की ओर इशारा करते हुए इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि भारत के इतिहास में सर्वोच्च बलिदान देने वाले गुरुगोबिंद के पुत्रों को आखिर क्यों विस्मृत कर दिया गया।आज पूरे देश में गुरु पुत्रों बाबा अजीत सिंह,जुझार सिंह,जोरावर सिंह एवं फतह सिंह का बलिदान शहीदी दिवस एवं वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र रक्षा एवं धर्म रक्षा के लिए गुरु तेगबहादुर सिंह और गुरुपुत्रों का बलिदान सभी के लिए अनुकरणीय है। समाज के सभी लोगों को इसकी जानकारी होनी चाहिए। इस मौके पर विभाग संघचालक रमेश ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया के इतिहास में इतनी अल्पायु में देश धर्म के लिए बलिदान होने वाले सपूतों में गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतह सिंह का नाम अग्रणी है। देश के स्वाभिमान को विराट करने में केशधारी हिंदुओं अर्थात सरदारों की बड़ी भूमिका रही है। विधर्मी शक्तियों जब जब प्रबल हुई उनका समाना करने के लिए सिख समाज प्रथम पंक्ति में खड़ा रहा। इस मौके पर संघ के जिला कार्यवाह हेमंत ने कहा कि यह दिन सिख इतिहास और भारतीय संस्कृति में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है। जिन्होंने नन्ही सी उम्र में धर्म और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये। इस मौके पर गुरुद्वारा नानकशाही के प्रधान सरदार मंजीत सिंह छाबड़ा,गुरुद्वारा नानकशाही के उपप्रधान सरदार मंजीत सिंह गोविन्द,गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के सदस्य सरदार कुलदीप सिंह सैंटी,सरदार गुरुसेवक सिंह, सरदार जगमीत सिंह, विभाग संघचालक रमेश ,विभाग कार्यवाह हरीश,जिला कार्यवाह हेमन्त, इतिहास संकलन समिति के प्रांत उपाध्यक्ष डॉक्टर पीयूषकांत शर्मा,पतंजलि योग पीठ जिला योग प्रमुख वंदना आदि ने अपने विचार प्रकट किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंजीत सिंह छाबड़ा व संचालन जिला कार्यवाह हेमंत ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से जिला प्रचारक प्रवीण,विभाग प्रचारक प्रवेश विहिप के जिलाध्यक्ष नागेंद्र ,प्रांत घुमंतू संयोजक शशिभाल,विभाग धर्मजागरण प्रमुख विनोद, गिरिजाशंकर,जिला संघचालक चिंतामणि,सेवाभारती के विभाग अध्यक्ष विनोद सिंह,सक्षम के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह,जिला कार्यवाहिका प्रिया त्रिपाठी, दिव्या मिश्रा,शिवशंकर, अवधेश, प्रभा शंकर ,राजेश त्रिपाठी, सत्यम ओझा,दीपेश जैन,नगर संघचालक राजनरायन,सह नगर संघचालक विजय पटेल, सुमित, अर्पित,नगर प्रचारक विवेकानंद, अंकित, सर्वोत्तम,विनोद त्रिपाठी, चंदन , बिपिन,नगर कार्यवाह शिव सोनी,रवीश,सतीश,अभय सिंह, रवि ,अजय ओझा,अल्केश, रामचंद्र,अनुराग,आलोक गर्ग, वेद, रविन्द्र कौर, राजिंदर,गुंजा कौर, सतनाम कौर, महिंदर कौर यजत,रमेश पटेल आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button