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जय श्री राम” बोलने पर छात्र को परीक्षा से रोका गया, एबीवीपी ने किया विरोध

जिला — चित्रकूट
रिपोर्ट — रणदीप पाण्डेय

चित्रकूट — कर्वी कोतवाली क्षेत्र के संत थॉमस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में “जय श्री राम” बोलने पर एक छात्र को परीक्षा में बैठने से रोकने का मामला सामने आया है। घटना 23 दिसंबर 2024 की है, जब कक्षा 10 के छात्र हिमांशु ने गेट पर खड़े एक व्यक्ति को “जय श्री राम” कहा। इस पर स्कूल के फादर ने नाराजगी जताते हुए छात्र को परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से मना कर दिया।

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हिमांशु के पिता को जब इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई। हिमांशु के पिता ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे मामला तूल पकड़ गया।

एबीवीपी ने स्कूल में किया प्रदर्शन

इस घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और “जय श्री राम” के नारे लगाते हुए स्कूल के अंदर दाखिल हो गए। कार्यकर्ताओं ने फादर से कहा-सुनी की और उन्हें भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने की चेतावनी दी।
एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारी सदस्य रोहित पांडेय ने कहा, “जय श्री राम बोलना हमारे संस्कारों का हिस्सा है। यह किसी का अभिवादन करने का तरीका है। अगर भविष्य में किसी छात्र के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, तो हम स्कूल में ताला लगाकर बाहर बैठ जाएंगे।”

पिता ने पहले भी जताई थी आपत्ति
सूत्रों के अनुसार, यह मामला पहले भी सामने आया था, जब हिमांशु ने अपने दोस्तों के साथ “जय श्री राम” कहा था। उस समय हिमांशु के पिता किसी कारणवश स्कूल नहीं पहुंच पाए थे, लेकिन इस बार परीक्षा से रोके जाने पर उन्होंने पुलिस की मदद ली।

स्कूल प्रशासन ने दी सफाई– 

घटना को लेकर स्कूल प्रशासन ने कहा कि इस तरह के विवादों से बचने के लिए भविष्य में सतर्कता बरती जाएगी। फादर ने भी अपनी गलती स्वीकारते हुए इसे सुधारने का आश्वासन दिया।घटना ने स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बच्चों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।

बाइट — संत थॉमस फादर

बाइट — रोहित पांडेय — एबीवीपी प्रदेश कार्यकारणी सदस्य

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