कबीर शांति मिशन का 36वाँ स्थापना दिवस सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम विशाल खण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ के सभागार में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर “शिक्षा में रंगमंच का महत्व” विषय पर एक सारगर्भित परिचर्चा आयोजित की गई।

कबीर शांति मिशन का 36वाँ स्थापना दिवस सम्पन्न हुआ।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
लखनऊ, 26 अप्रैल।
कार्यक्रम विशाल खण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ के सभागार में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर “शिक्षा में रंगमंच का महत्व” विषय पर एक सारगर्भित परिचर्चा आयोजित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में माननीय न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ, पूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं पूर्व उप-लोकायुक्त, कर्नाटक, उपस्थित रहे। उन्होंने अपने दीर्घ प्रशासनिक एवं न्यायिक अनुभवों को साझा करते हुए जीवन में सकारात्मक सोच की महत्ता पर बल दिया।
परिचर्चा के मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात फ़िल्म कलाकार एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ. अनिल रस्तोगी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि रंगमंच एक साधना स्थल है, जहाँ साधक पूर्ण समर्पण के साथ आत्मविस्मृति की अवस्था में पहुँचता है। यही एकाग्रता एवं समर्पण शिक्षा के क्षेत्र में भी अपेक्षित है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं मिशन के उपाध्यक्ष श्री जी बी पटनायक ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने सकारात्मक सोच को जीवन में परिवर्तन का मूल आधार बताते हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्थापना दिवस के अवसर पर मिशन द्वारा न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ को ‘कबीर पीस मिशन लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से अलंकृत किया गया।
उनके अतिरिक्त पाँच वरिष्ठ विभूतियों को ‘कबीर-दीप सम्मान’ प्रदान किया गया, जिनमें स्वर्गीय अरुण कुमार माथुर (मरणोपरांत), एलएमए के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष, डॉ. कीर्ति नारायण (पूर्व प्राचार्य, जय हिन्द कॉलेज, मुंबई), लक्ष्मी कांत माहेश्वरी (पूर्व कुलपति, BITS पिलानी), सुप्रसिद्ध आर्किटेक्ट सविता अग्रवाल तथा डॉ. ए के श्रीवास्तव (संस्थापक एवं अध्यक्ष, डिवाइन हार्ट एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल) शामिल हैं। इन सभी विभूतियों को उनके-अपने क्षेत्र में समाज के प्रति निःस्वार्थ योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मिशन के सचिव एवं मुख्य संयोजक राजेश कुमार अग्रवाल के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने गत वर्ष की गतिविधियों एवं वित्तीय विवरण प्रस्तुत करते हुए ‘शिक्षा में रंगमंच का महत्व’ विषय को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विशेषतः बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु अत्यंत प्रासंगिक बताया। साथ ही उन्होंने मिशन के संस्थापक स्व. राकेश कुमार मित्तल के सकारात्मक सोच के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें स्वामी सौमित्रप्रपन्नाचार्य, पद्मश्री डॉ मंसूर हसन, श्री एन एन उपाध्याय- आईएएस, श्री अजय चौधरी- आईएफएस, सुश्री जयती चन्द्रा- आईएएस, श्री यूसी मित्तल- आईएएस तथा श्री अशोक गांगुली- पूर्व चेयरमैन सीबीएसई, सहित अनेक विशिष्टजन सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम का समापन अध्यक्षीय उद्बोधन एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

