ब्रेकिंग
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का प्रांतीय सम्मेलन बर्फानी आश्रम अमरकंटक में संपन्न। जनता की समस्या को लेकर सक्रिय दिखे पूर्व मंत्री मोती सिंह, जनसुनवाई में सुनीं लोगों की फरियादें Assistant Professor of Allahabad Invited at UN-Linked International Judicial Conference in Cayman Is... उत्सव लॉन में लगी भीषण आग,फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू भीषण गर्मी में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का लचर प्रबंधन सरकार की नाकामी- प्रमोद तिवारी प्रतापगढ़ में ऑपरेशन प्रहार का बड़ा असर: ट्रक से 2.22 करोड़ का गांजा बरामद, 3 तस्कर गिरफ्तार पण्डित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित। आईएमए प्रतापगढ़ द्वारा विश्व थाइरोइड दिवस पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित। माता गुरगांव देवी मंदिर परिसर में बाबा नीम करौली की मूर्ति स्थापना। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का स्वागत और सम्मान समारोह सम्पन्न।
Global भारत न्यूज़देश

संविधान की मूल भावना के साथ हुई छेड़छाड़ होनी चाहिए दुरुस्त – राजा भैया

राजा भैया का बयान बना राजनीतिक विश्लेषण और चर्चा का विषय, संविधान निर्माण करने वालो ने समाजवाद और धर्म निरपेक्षता जैसे शब्दों को नहीं किया था समावेश

संविधान की मूल भावना के साथ हुई छेड़छाड़ होनी चाहिए दुरुस्त – राजा भैया

राजा भैया का बयान बना राजनीतिक विश्लेषण और चर्चा का विषय, संविधान निर्माण करने वालो ने समाजवाद और धर्म निरपेक्षता जैसे शब्दों को नहीं किया था समावेश  !

 

ग्लोबल भारत डेस्क, राजा भैया ने इस बार जिस विषय को छुआ है उसकी तपिश आने वाले दिनों में देखने को मिल सकती है क्यों कि देश भर में इस विषय को लेकर चर्चा होगी जिसकी सुगबुगाहट सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है। संविधान के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ का विषय और उस भूल को सुधारने की बात कहके एक तरफ राजा भैया ने देश के बौद्धिक तबके की निगाह में आए हैं वहीं आज के परिप्रेक्ष्य में जब नेता गंभीर विषयों से बचने का प्रयास करते है राजा भैया का ये बयान उनके आत्मबल को दिखाता है। संविधान लिखने वालों ने जब समाजवाद और धर्म निरपेक्षता पर कुछ नहीं लिखा था तो संविधान की मूल भावना से खिलवाड़ करने वाले शब्दों को संविधान में शामिल करने का षडयंत्र क्यों हुआ। आज देश जानना चाहेगा कि आखिर संविधान में इन शब्दों को जोड़कर संविधान के मूल भावना के साथ खिलवाड़ क्यों किया गया था। आज का युवा जानना चाहता है कि संशोधन करने वाले क्या संविधान निर्माण करने वालो से ज्यादा योग्य थे। बाबा साहब युग दृष्टा थे काश की उनकी बातों को तत्कालीन जिम्मेदार माने होते तो आज देश में उतनी विषमता न होती। अब समय आ गया है कि उसमें संशोधन किया जाना समय की मांग भी है और आवश्यकता भी। जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा के विधायक राजा भैया का ने एक टीवी चैनल के पॉड कास्ट में बेबाक अंदाज में कहा। राजा भैया ने प्रमाणित तर्क के साथ उस विषय पर बयान दिया है, जो किसी भी नेता के लिए कहना सामान्य बात नही है। राजा भैया ने कहा कि आखिर संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करना क्या संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं था और ऐसा करके जिस व्यवस्था का आगाज किया हुआ वह आज देश के लिए असंतुलन का विषय साबित हो रहा है। पॉड कास्ट को लाखों लोगों ने देखा और बेबाक बयानों की सराहना किया। जनसत्ता दल समर्थकों ने कुंडा में इस पॉड कास्ट को देखा और राजा भैया के बयानों की सराहना किया।

Vinod Mishra

सामाजिक सरोकारो पर सीधी पकड़ और बेबाक पत्रकारिता के लिए समर्पित...ग्लोबल भारत न्यूज़ संस्थान के लिए सेवा

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button