ब्रेकिंग
पत्रकार राष्ट्र और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाएं: संतोष गंगवार गुरुग्राम ग्लोबल हाइट्स विद्यालय का वार्षिकोत्सव सम्पन्न। जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा न्यायिक शुचिता के लिए सवालों के समाधान पर कौंध रहा गहरा प्रश्नचिन्ह ..... रफ्तार, लापरवाही या सिस्टम की चूक? प्रतापगढ़ में पलटा 16 चक्का ट्रक, बाल-बाल बची जानें कुंडा में 1.20 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण व चौड़ीकरण का शिलान्यास कुंडा में एसपी दीपक भूकर का पैदल मार्च, सुरक्षा व यातायात व्यवस्था पर सख्त रुख प्रतापगढ़: दबंगों के हौसले बुलंद, महिला और उसकी बेटी को अपहरण की धमकी देकर मांगी 10 लाख की रंगदारी कंधों पर किताबें नहीं, सपनों का बोझ—भारी बस्तों तले दबता बचपन आखिर कब तक? खाकी का मान: कानपुर नगर में तैनात आरक्षी बना पीसीएस अधिकारी प्रतापगढ़ में औद्योगिक क्रांति की दस्तक: रायगढ़ में बनेगा इंडस्ट्रियल पार्क, यूपीडा टीम ने किया निरी...
Global भारत न्यूज़उत्तरप्रदेशलाइफ स्टाइल

मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता की अलख जगा रहीं “पैड वुमन” राखी गंगवार 

लगातार 5 वर्षों से किशोरियों को दे रही मार्गदर्शन महिलाओं को जागरूक करने की आवाज सुप्रीम कोर्ट तक पहुँची

मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता की अलख जगा रहीं “पैड वुमन” राखी गंगवार 

 

लगातार 5 वर्षों से किशोरियों को दे रही मार्गदर्शन महिलाओं को जागरूक करने की आवाज सुप्रीम कोर्ट तक पहुँची

 

ग्लोबल भारत डेस्क : भारत देश में मासिक धर्म पर बात करना आज भी संकोच और शर्म के दायरे में आता है। इस संवेदनशील विषय पर बड़े पैमाने पर जन जागरण की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की रहने वाली पैड वूमेन के नाम से पहचान बनाने वाली शिक्षिका राखी गंगवार ने शिक्षण के साथ इस संवेदनशील विषय पर किशोरियों को मासिक ज्ञान देने का बीड़ा उठाया है। मासिक धर्म स्वच्छता जैसे संवेदनशील विषय पर पिछले पाँच वर्षों से निरंतर जनजागरण अभियान चलाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता और “पैड वुमन” के नाम से जानी जाने वाली राखी गंगवार की पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। गांव–कस्बों से लेकर स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक मंचों तक उन्होंने पीरियड्स से जुड़े मिथकों को तोड़ने, स्वच्छता उत्पादों की उपलब्धता और महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाई है।

उनके अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, सुरक्षित उत्पादों के उपयोग और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करना रहा है। इसी सिलसिले में निःशुल्क जागरूकता शिविर, संवाद कार्यक्रम, पैड वितरण और वैकल्पिक उत्पादों की जानकारी जैसे प्रयास भी किए गए।

अब यह मुद्दा व्यापक जनहित से जुड़ा मानते हुए उनकी आवाज सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गई है, जहाँ मासिक धर्म स्वच्छता, उत्पादों की सुलभता, टैक्स राहत, स्कूलों में सुविधाएँ और जागरूकता कार्यक्रमों को संस्थागत रूप देने जैसे बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। राखी गंगवार का कहना है कि मासिक धर्म कोई शर्म नहीं, बल्कि प्राकृतिक प्रक्रिया है, और इस पर खुलकर बात होना ही स्वस्थ समाज की पहचान है। उनका अभियान यह संदेश देता है कि सही जानकारी और सुविधाएँ मिलने पर ही महिलाओं का स्वास्थ्य और सम्मान सुरक्षित रह सकता है।

किशोरियों को जागरूक करती पैड वूमेन राखी गंगवार

पैड वुमन राखी गंगवार ने बताया कि अब वक्त आ गया जब किशोरियों के साथ इस महत्वपूर्ण विषय पर खुलकर बात करने और उन्हें मार्गदर्शित करने की जिम्मेदारी समाज और अभिभावक को बेहिचक उठाना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट का उनके इस सामाजिक अभियान के प्रति संज्ञान लेना बड़ा कदम कहा जा सकता है। सरकारी तंत्र को इस विषय पर ज्यादा गंभीरता दिखाना चाहिए ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र की किशोरियों को जागरूक बनाया जा सके।

Vinod Mishra

सामाजिक सरोकारो पर सीधी पकड़ और बेबाक पत्रकारिता के लिए समर्पित...ग्लोबल भारत न्यूज़ संस्थान के लिए सेवा

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button