एन.एम.ओ. काशी प्रांत के दो दिवसीय अभ्यास वर्ग का समापन
गरीब असहाय व्यक्ति की चिकित्सा सेवा ही एन एम ओ की पहचान…विभाग प्रचारक ओम प्रकाश
गौरव तिवारी ब्यूरो चीफ प्रतापगढ़।
प्रतापगढ़। राष्ट्रीय चिकित्सक संगठन (एन.एम.ओ.) काशी प्रांत के दो दिवसीय अभ्यास वर्ग का शुभारंभ डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के आयोजक डॉ जे पी वर्मा संयुक्त सचिव एन एम ओ काशी प्रांत रहे, कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख युद्धवीर जी ने मां सरस्वती एवं चिकित्सा के जनक आचार्य चरक के चित्र पर धूप-दीप प्रज्ज्वलित कर मंत्रोच्चार के साथ किया।मुख्य अतिथि युद्धवीर ने अपने उद्बोधन में कहा कि चिकित्सक समाज के प्रति अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें। चिकित्सा सेवा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का श्रेष्ठ माध्यम है।बतौर विशिष्ट अतिथि/मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रतापगढ़ विभाग के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश ने कहा कि भारत हमेशा से ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (संपूर्ण पृथ्वी ही परिवार है) और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना का संदेश देने वाला देश रहा है। यहाँ राम, कृष्ण, भगवान बुद्ध, महावीर, गुरु नानक और स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूतियों ने समाज को प्रेम, शांति और करुणा का मार्ग दिखाया है।एन एम ओ केवल डॉक्टरों का एक संगठन नहीं है, बल्कि यह “राष्ट्र सेवा नारायण सेवा” के मूल मंत्र को जीने वाले समर्पित राष्ट्रभक्तों का एक जीवंत वैचारिक आंदोलन है।
हमारा संगठन स्वास्थ्य सेवा को केवल एक पेशा नहीं मानता, बल्कि इसे समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की सेवा का माध्यम मानता है।स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि मानव सेवा ही माधव सेवा है। एन एम ओ इसी दर्शन को धरातल पर उतारने का काम कर रहा है।कार्यक्रम में बतौर अति विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉ एम एल बी भट्ट ,निदेशक कल्याण सिंह कैंसर संस्थान लखनऊ ने ka भारत का गौरवशाली इतिहास पर अपने उद्बोधन में कहा कि भारत ज्ञान और विज्ञान का केंद्र रहा है प्राचीन काल में भारत विश्वगुरु कहलाता था। हमारे देश में तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय थे, जहां दुनिया भर से छात्र पढ़ने आते थे। गणित के क्षेत्र में आर्यभट्ट ने दुनिया को ‘शून्य’ (0) का उपहार दिया। आयुर्वेद और शल्य चिकित्सा (Surgery) के क्षेत्र में चरक और सुश्रुत के योगदान को आज भी पूरी दुनिया नमन करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य देवाशीष शर्मा ने करते हुए सभी अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया।डॉ जी पी सिंह ,प्रो वाइस चांसलर टी एस मिश्रा यूनिवर्सिटी लखनऊ ने विस्तृत अभिवाक प्रस्तुत किया।डॉ. सच्चिदानंद जी ने एन.एम.ओ. के विषय में विस्तृत अभिवाचन प्रस्तुत किया, जबकि वक्ता डॉ. सुभाष सिंह ने दायित्व बोध विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।अभ्यास वर्ग में चिकित्सा सेवा, संगठनात्मक विकास, कार्यपद्धति तथा राष्ट्र निर्माण में चिकित्सकों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम के माध्यम से चिकित्सकों एवं कार्यकर्ताओं में सेवा, समर्पण और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर एन एम ओ प्रतापगढ़ इकाई के महासचिव देवांश त्रिपाठी, डॉ पवन सिंह,डॉ सच्चिदानंद ,डॉ रुचिरा,डॉ राजेश राय ,डॉ मयंक शुक्ला तथा चिकित्सा महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



