ब्रेकिंग
“कुंडा से उठी सत्ता परिवर्तन की हुंकार!”—शिवपाल का ऐलान, 2027 में सपा की पूर्ण बहुमत सरकार तय प्रतापगढ़ में भारतीय किसान संघ की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न। SDM vs SDM: 20 करोड़ का दहेज, 'नपुंसकता' और खूनी धमकी!"प्रतापगढ में एफआईआर पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार का इनामिया हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार सिपाही हुआ घायल भुलियापुर ईदगाह पर दिखी गंगा-जमुनी तहज़ीब। जिला अध्यक्ष डॉ.नीरज त्रिपाठी ने दी मुबारकबाद। नववर्ष सृष्टि की रचना का आधार है: विभाग प्रचारक ओमप्रकाश जी  घर में घुसकर मां-बेटी पर हमला, जमीन कब्जाने की साजिश का आरोप — कोर्ट के आदेश पर 18 के खिलाफ मुकदमा द... आत्मा की अमरता एवं देह की नश्वरता के ज्ञान ने भारतीयों को बनाया कालजई: ओम प्रकाश नववर्ष सृष्टि की रचना का आधार: विभाग प्रचारक ओमप्रकाश भगवान शिव की आराधना सदैव कल्याणकारी: सम्पूणार्नंद जी
Global भारत न्यूज़उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़राजनीति

कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र में हुयी दर्दनाक मौत पर घटना स्थल पर नही पंहुचे सपा सांसद

दलित बच्चियों की मौत पर गांव न पहुंचने वाले सपा सांसद कौशाम्बी में लगवा रहे राणा सांगा मुर्दाबाद के नारे

कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र में हुयी दर्दनाक मौत पर घटना स्थल पर नही पंहुचे सपा सांसद

दलित बच्चियों की मौत पर गांव न पहुंचने वाले सपा सांसद कौशाम्बी में लगवा रहे राणा सांगा मुर्दाबाद के नारे

प्रतापगढ़/कौशाम्बी, बाबागंज विधानसभा क्षेत्र के डिहवा जलालपुर में 4 बच्चियों की हुयी दर्दनाक मौत के बाद सपा सांसद को अभी तक उनके गाँव पंहुचने की फुर्सत नही मिली लेकिन पार्टी के निर्देश के अनुपालन में सपा सांसद राणा सांगा मुर्दाबाद के नारे वाले समूह की अगुवाई करते नजर आये। कौशाम्बी जिला मुख्यालय पर पार्टी के प्रदर्शन में मौजूद सपा सांसद को अपने ही समाज की चार बच्चियों की दुखद मौत के बाद उनके दुख में शामिल होने की फुर्सत नही मिली जबकि प्रयागराज की पूर्व विधान परिषद सदस्य एवं गंगापार की भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान तक मौके पर आकर जा चुकी हैं। उन्होंने भी इशारो में ये कहा की समाज की बच्चियों की मौत की सूचना मिलते ही वो इनके दुख में शामिल होने दौड़ी चली आयी।
बताते चलें की प्रतापगढ़ जनपद की कुंडा और बाबागंज विधानसभायें कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और घटना भी बाबागंज विधामसभा के डिहवा जलालपुर में हुयी है। जिस समाज से सांसद कौशाम्बी आते हैं उसी समाज की 4 बच्चियां नदी में डूबकर मर गयी हैं। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस बात की चर्चा है की सांसद जी को घटनास्थल वाले गांव में पंहुचना था। लेकिन राणा सांगा मुर्दाबाद का नारा लगवाने में व्यस्त है। राणा सांगा पर विवादित नारा लगाने वालों का नेतृत्व करते समय क्या उनके मन मे विचार नही आया होगा की कुंडा और बाबागंज विधामसभा में उन्ही राणा के वंशजो ने हाथ न लगाया होता तो शायद लोकसभा में सबसे कम उम्र के सांसद होने का तमगा न मिला होता।
वहीं क्षेत्र में घटना का समाचार मिलते ही जनसत्ता दल के अध्यक्ष राजा भैया न सिर्फ मौके पर पंहुचे बल्कि पार्टी फंड से आर्थिक मदद किया भी और सरकार से भी सहयोग दिलाने के प्रति आश्वस्त किया। यही दरियादिली वाली शैली राजा भैया को अन्य नेताओं से कहीं बहुत उपर खड़ा कर देती है और उनके विरोधी भी उनके मूक समर्थक बन जाये हैं।

Vinod Mishra

सामाजिक सरोकारो पर सीधी पकड़ और बेबाक पत्रकारिता के लिए समर्पित...ग्लोबल भारत न्यूज़ संस्थान के लिए सेवा

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button