ब्रेकिंग
प्रतापगढ़: भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन टीम का बड़ा प्रहार, 87,500 रुपये रिश्वत लेते टाइपिस्ट रंगे हाथ ... नगर पालिका अध्यक्ष ने एक वर्ष के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का दिया ब्यौरा काशीपुर डुबकी प्रधान पर करोड़ो रु गबन का लगा आरोप, एडीओ पंचायत ने शुरू की जांच ब्रह्माकुमारीज़ एवं इनर व्हील क्लब द्वारा शीतकालीन राहत अभियान के तहत कंबल वितरण कार्यक्रम संपन्न। दुष्कर्म के वांछित आरोपी को नगर कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार जिला निर्वाचन अधिकारी ने त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण हेतु कार्यक्रम कि... यूपी में एसआईआर के नाम पर लगभग तीन करोड़ मतदाताओं का नाम हटना लोकतंत्र के लिए घातक- प्रमोद तिवारी राजा भइया के सनातनी विचारों से प्रेरित होकर सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में जुटा युवक नई जिम्मेदारी मिलने पर कांग्रेस जनों ने स्वागत किया। सीएचसी कुंडा में 131 नेत्र रोगियों का सफल ऑपरेशन
Global भारत न्यूज़उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

कुंडा का कुंवा…इसी से उपजे विवाद की चपेट में आ सकते हैं सैकड़ों नगरवासी

न्यायालय तक पहुंचे मामले ने किया नया मोड़ खुन्नस की लड़ाई में खुल गया ता

कुंडा का कुंवा…इसी से उपजे विवाद की चपेट में आ सकते हैं सैकड़ों नगरवासी

न्यायालय तक पहुंचे मामले ने किया नया मोड़ खुन्नस की लड़ाई में खुल गया तालाब का इतिहास, राजस्व विभाग की कार्रवाई पर कोर्ट की नजर

 

Global भारत डेस्क : दो लोगों के अहम और खुन्नस की लड़ाई में एक दबे अध्याय के खुलने की आहट से उसकी जद में आने वाले परिवारों के जेहन में हलचल है। मामला न्यायालय के रडार पर आने के कारण गंभीर रुख पकड़ किया और अब कहीं न कहीं अनजाने में कई परिवारों के लिए चिंता का विषय बनता दिखाई दे रहा है। कुंडा नगर पंचायत के नूर मस्जिद गली में स्थित एक पुराने जमीनी विवाद से जुड़े विषय ने मामले को अनजाने में न्यायालय के रडार पर ला दिया। इसी मामले में राजस्व विभाग को न्यायालय में 27 नवंबर को अपना जवाब देना है।

 

क्या है पूरा मामला जिस पर मचा है हड़कंप

 

मामले की शुरुवात 2020 से शुरू होता है जब नूर मस्जिद गली में रहने वाले शमशाद के ऊपर इनके पड़ोसियों द्वारा कुएं से ईंट चुराने और नंबरी भूमि पर जबरन कब्जा करने के मामले में कुंडा थाने में तहरीर दी गई और विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाता है। शमशाद ने बताया कि उन्होंने अपने ऊपर गलत तरीके से दर्ज करवाए गए रिपोर्ट को क्वेश कराने के लिए उच्च न्यायालय की शरण लिया। शमशाद के अधिवक्ता ने बताया कि इसी मामले ईंट चोरी के मामले को पुलिस की जांच में गलत पाया गया और नंबरी जमीन पर कब्जा करने के मामले की जांच के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दिया। चूंकि कुंवा तालाबी रकबे में स्थित है और इसी रकबे की जमीन को नंबरी दिखाकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसी रिपोर्ट्स के आधार पर न्यायालय ने जांच का आदेश राजस्व विभाग को दिया तो मामला यही से दूसरे एंगल की तरफ घूम गया। आने वाली 27 नवंबर को अंतिम जवाब दाखिल करना है।

कुल मिलाकर शमशाद को लपेटने के चक्कर में इनके विपक्षियों द्वारा उस पन्ने को पलट दिया जिसकी उम्मीद भी शायद उन्हें नहीं रही होगी। अब दो लोगों के इगो की लड़ाई में दर्जनों परिवार इसकी चपेट में आते दिखाई दे रहे हैं।

इसी प्रकरण के चलते यदि तालाब की नाप और उसे कब्जा मुक्त कराया जाता है तो नगर पंचायत के इस तालाब का उद्धार तो हो जाएगा लेकिन इसकी कार्रवाई की जद में आने वाले परिवारों के बारे में अंदाजा खुद ही लगाया समझा सकता है। आने वाला समय तालाब की जमीन में निर्माण करने वालों के लिए चुनौती साबित हो सकता है।

Vinod Mishra

सामाजिक सरोकारो पर सीधी पकड़ और बेबाक पत्रकारिता के लिए समर्पित...ग्लोबल भारत न्यूज़ संस्थान के लिए सेवा

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button