नेपाल बाढ़ को प्रकृति का प्रकोप भविष्य के चिंता जनक : दलाई लामा
लैंड स्लाइड एवं बाढ़ के खौफनाक मंजर नें कपा दी रूह


तिब्बत के रसूवा में हुई लैंड स्लाइड के चलते नेपाल ग्यिरोंग में अचानक आई बाढ़ का खौफनाक मंजर देखकर रूह काँप गया। चपेट में आने से जहाँ 350 के आसपास लोगों के दर्दनाक मौत कि खबर है वहीं हजार के करीब लोगों के लापता होने कि सूचना नें सभी को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल दर्जनों से अधिक हेलीकाप्टरों एवं अन्य विभिन्न संसाधनों से राहत बचाव कार्य किया जा रहा है। ऐसे में चारों ओर से व्यक्त होते संवेदनाओं के बीच दलाईलामा नें प्रकृति के प्रकोप पर गहरी संवेदना देते हुए चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा “रसुवा और ग्यिरोंग में आई विनाशकारी बाढ़ से जान-माल के भारी नुक़सान की ख़बर से मैं बेहद दुखी हूं। मैं उन सभी लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं, जिनकी मौत हो गई है इस दुख की घड़ी में मैं शोक में डूबे परिवारों और इससे प्रभावित सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना और गहरी सहानुभूति व्यक्त करता हूं।उन्होंने लिखा, “चूंकि इस क्षेत्र में पहले भी ऐसी आपदाएं आई हैं, इसलिए ये निश्चित रूप गहरे संकेत हैं। चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या कोई अन्य कारण. मुझे उम्मीद है कि जहां तक संभव हो, ऐसे क़दम उठाए जाएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह की आपदाएं दोबारा न आएं। पर्यावरण संतुलन का गहरा संदेश है। पुनरावृति को रोकने लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

उनके इस बात से जहाँ भविष्य में हो सकने वाली ग्लोबल बर्मिंग जैसी गंभीर स्थितियों की ओर इशारा है। ऐसे में आवश्यक कदम जहाँ सभी सरकारों द्वारा उठाने की आवश्यकता है वहीं आम जन को भी आत्मचिंतन की आवश्यकता है।




