बहुमत के नशे में चूर मोदी सरकार तानाशाही की पराकाष्ठा पर- प्रमोद तिवारी
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने एसआईआर को लेकर संसद में चर्चा की जगह विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेना बताया गैर लोकतांत्रिक।

बहुमत के नशे में चूर मोदी सरकार तानाशाही की पराकाष्ठा पर- प्रमोद तिवारी
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
लालगंज प्रतापगढ़, 11 अगस्त।
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने एसआईआर को लेकर संसद में चर्चा की जगह विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेना बताया गैर लोकतांत्रिक।
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने एसआईआर को लेकर लोकतांत्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदो को हिरासत मे लिए जाने के कदम को मोदी सरकार की तानाशाही की पराकाष्ठा करार दिया है।
उन्होने कहा कि बहुमत के नशे में चूर मोदी सरकार पिछले तीन हफ्ते से चुनाव सुधार पर संसद में चर्चा को तैयार नही हुई। उन्होने कहा कि विपक्ष के लगातार प्रयास के बावजूद एसआईआर पर चर्चा का नाम सुनते ही केंद्र की भाजपा सरकार बिदक रही है।
उन्होने कहा कि संसद मे चर्चा की मांग की अनदेखी के चलते ही इण्डिया गठबंधन के सांसदों को संसद भवन से निर्वाचन आयोग तक विरोध मार्च के लिए बाध्य होना पड़ा। उन्होने कहा कि जब विपक्ष ने संयुक्त रूप से विरोध मार्च का ऐलान कर दिया तब निर्वाचन आयोग का चर्चा का प्रस्ताव भेजना खोयी हुई अपनी साख पर लीपापोती का एक प्रयास मात्र है।
उन्होने विपक्षी सांसदों के लोकतांत्रिक मार्च को लेकर सरकार की अलोकतांत्रिक कार्रवाई की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि इस समय देश में लोकतंत्र और संविधान को गहरा खतरा उत्पन्न हो गया है।
उन्होने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा कांग्रेस की विरासत है। उन्होने कहा कि मत के अधिकार को विपक्ष किसी भी कीमत पर अब किसी को भी चोरी करने की इजाजत नही दे सकता।
उन्होने कहा कि लोगों के मताधिकार की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विपक्ष जेल और यातना सहने के लिए कमर कसे हुए है।
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि वोट चोरी की सच्चाई से देश का हर नागरिक अवगत हो चुका है। उन्होने कहा कि कांग्रेस कहती रही कि मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर संविधान को खतरे मे डालना चाहती है।
उन्होने कहा कि वोट चोरी के पर्दाफाश होने के बाद विपक्ष का यह दावा खरा साबित हुआ है। उन्होने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की गरिमा में नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा सबसे अहम मसला है।
वहीं राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने इंदौर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के चिकित्सा तथा शिक्षा के क्षेत्र में दिये गये बयान को लेकर भी भाजपा को आड़े हाथों लिया है।
उन्होने कहा कि भाजपा के मातृ संगठन के प्रमुख ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं आम आदमी की पहंुच से दूर हो गयी है।
उन्होने कहा कि स्कूल जोड़े जा रहे हैं और अस्पतालो में आम आदमी के इलाज के लिए प्रबन्धों का साफ अभाव है।
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य के बाजारीकरण को लेकर आरएसएस प्रमुख का भाजपा सरकार को दिया गया प्रमाण पत्र इन दोनों महत्वपूर्ण जनता से जुड़े संस्थानों की असलियत को लेकर सब कुछ बयां कर गया है।
उन्होने कहा कि मोदी सरकार में जरा सा भी नैतिकता हो तो आरएसएस प्रमुख के द्वारा मिले इस प्रमाण पत्र पर वह देश से अविलम्ब क्षमायाचना करें।
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असिम मुनीर के पाकिस्तान द्वारा खतरे की स्थिति में आधी दुनिया में तबाह करने के बयान को दुनिया के हर देश के लिए चिन्ताजनक कहा है।
उन्होने कहा कि भारत की जाबांज सेना ने अदम्य साहस के साथ आपरेशन सिन्दूर के जरिए पाकिस्तान के दांत खटटे किये हैं। उन्होने कहा कि इस सबक सिखाने के बावजूद भारत की सेना का पराक्रम व शौर्य पाकिस्तानी नापाक इरादे को तहस नहस करने के साथ हर चुनौती का मुंहतोड़ जबाब देने में सक्षम है।
उन्होने कहा कि अमेरिका मे ही असिम मुनीर का यह दुस्साहसिक बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टंªप के द्वारा जनरल असिम मुनीर को दिये गये भोज पर भी करारा तमाचा है। उन्होने कहा कि पाकिस्तान के द्वारा परमाणु बम के इस्तेमाल की यह धमकी मिलने के बाद दुनिया के हर देश को जाग जाना चाहिए।
उन्होने कहा कि आतंकवाद के पोषक देश की पहचान रखने वाले पाकिस्तान सेना प्रमुख के इस खतरनाक इरादे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भी अविलम्ब संज्ञान में लेना चाहिए।
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी का यह बयान सोमवार को मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।