एमडीपीजी कॉलेज में “उच्च शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा में समन्वय- चुनौतियां एवं संभावनाएं” विषय पर परिचर्चा आयोजित।
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार मिश्र ने किया और मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ शक्ति कुमार पांडेय रहे।

एमडीपीजी कॉलेज में “उच्च शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा में समन्वय- चुनौतियां एवं संभावनाएं” विषय पर परिचर्चा आयोजित।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज
प्रतापगढ़, 10 मई।
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार मिश्र ने किया और मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ शक्ति कुमार पांडेय रहे।
अतिथियों का स्वागत एवं विषय निरूपण करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो शैलेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि उच्च शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा में समन्वय वर्तमान की आवश्यकता है। संसाधनों का बेहतर उपयोग एवं गुणात्मक शिक्षा के विकास के लिए न केवल संवाद अपितु पारस्परिक सहयोग अपरिहार्य है।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर शक्ति कुमार पांडेय ने कहा कि शिक्षा के विभिन्न स्तरों में आपसी सहयोग एवं समन्वय को समझते हुए शासन स्तर पर भी प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के लिए एक संगठन शिक्षा सेवा चयन आयोग गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि एमडीपीजी के प्राचार्य की यह पहल न केवल शासन की मंशा के अनुरूप है बल्कि शिक्षा के विभिन्न स्तरों के बहुआयामी विकास के लिए नितांत आवश्यक भी है।
सुभाष इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ देवमणि तिवारी ने कहा कि आज विद्यालयों में एवं शिक्षा के विभिन्न परिषदों में अधिक अंक पाने एवं देने की होड़ लगी है जिससे चारित्रिक, बौद्धिक एवं गुणात्मक शिक्षा में कमी आ रही है। हम शिक्षा की गुणवत्ता को केवल प्राप्तांकों से नापने लगे हैं।
प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र शुक्ल लेने कहा कि आज हम किसी तरह अपने बच्चों को अधिक अंक दिलाने में गौरव महसूस कर रहे हैं और आपस में इसी बात की प्रतिस्पर्धा भी कर रहे हैं। हमारी लड़ाई पढ़ाई की नहीं बल्कि अब अंकों की लड़ाई हो गई है। इससे अधिक अंक पाकर भी विद्यार्थी गुणी नहीं बल्कि महज साक्षर हो रहा है।
कार्यक्रम को प्रधानाचार्य कुलश्रेष्ठ तिवारी, विंध्याचल सिंह, मोहम्मद अनीश, आनंद केसरवानी, डॉ राकेश शुक्ल, प्रो किरण मिश्र, डॉ अरुण मिश्र, डॉ सी एन पांडे, डॉ डी के पांडेय, डॉ शैलेश पांडे, सुशील पांडेय, गोकुल श्रीवास्तव, सीमा त्रिपाठी, अमित वत्स आदि ने संबोधित किया।
सभी वक्ताओं ने शिक्षा के विभिन्न स्तरों प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा में आपसी समन्वय, सहयोग एवं नियमित संवाद पर बल दिया। उच्च शिक्षा हेतु उच्च शिक्षण संस्थान के चयन में सावधानी बरतने की बात कही गई। सभी ने एमडीपीजी के प्राचार्य के इस प्रयास की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ संजय कुमार दुबे ने किया। इस अवसर पर प्राचार्य द्वारा इंटर कॉलेजों के 23 प्रधानाचार्यो एवं प्रबंधकों को अंग वस्त्रम एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।



