ब्रेकिंग
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से मिले बाबागंज विधायक विनोद सरोज जनता को मंहगाई से राहत देने की बजाय पूंजीपतियों की तिजोरी भर रही है मोदी सरकार- प्रमोद तिवारी बाबा भयहरणनाथ में 13 वाँ सामाजिक सत्याग्रह आज 7 जून को। कांग्रेस कमेटी की प्रतापगढ़ में मासिक बैठक सम्पन्न हुई। भारत तिब्बत सहयोग मंच की राष्ट्रीय कार्यसमिति की आनलाइन बैठक सम्पन्न हुई। जब कर्मचारी पर टूटा तूफान का कहर, तब फरिश्ता बनकर खड़ा हुआ सीएचसी कुंडा परिवार आगामी 15,16 एवं 17 सितंबर 2026 को आयोजित होगा 'अजगरा महोत्सव'। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन एवं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनेश्वर मिश्र पार्क में कार... प्रभारी मंत्री ने 05 जून से 21 जून तक आयोजित कार्यक्रमों की तैयारियों के सम्बन्ध में की बैठक गर्मी की छुट्टियां चढ़ी जनगणना की भेंट आखिर गृह कार्य कब संभालेंगे शिक्षक गण
उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

अवधी के कवि निर्झर प्रतापगढ़ी की कविताओं पर लघु शोध प्रबन्ध।

एमडी पीजी कालेज में हिंदी के प्राध्यापक डा० अरुण कुमार मिश्र के अधीन अध्ययनरत छात्रा शशि मिश्रा ने अवधी भाषा में हास्य व्यंग के सशक्त हस्ताक्षर निर्झर प्रतापगढ़ी के काव्य पर लघु शोध प्रबन्ध प्रारंभ किया है।

अवधी के कवि निर्झर प्रतापगढ़ी की कविताओं पर लघु शोध प्रबन्ध।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज
प्रतापगढ़, 17 मई।

एमडी पीजी कालेज में हिंदी के प्राध्यापक डा० अरुण कुमार मिश्र के अधीन अध्ययनरत छात्रा शशि मिश्रा ने अवधी भाषा में हास्य व्यंग के सशक्त हस्ताक्षर निर्झर प्रतापगढ़ी के काव्य पर लघु शोध प्रबन्ध प्रारंभ किया है।

डा० मिश्र ने बताया कि निर्झर प्रतापगढ़ी केवल प्रतापगढ़ जनपद ही नहीं अपितु सम्पूर्ण भारत वर्ष में काव्य-मंचों, कैसेटों एवं विभिन्न प्रकाशनों से प्रकाशित अपनी पुस्तकों के माध्यम से अवधी एवं खड़ी बोली की लोकप्रिय कविताओं व लोकगीतों द्वारा जन मानस पर अमिट छाप छोड़ चुके हैं। वह दर्जनों पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि सुप्रसिद्ध कवि एवं पुरातत्वविद् डॉ.राजेश कुमार पाण्डेय उर्फ निर्झर प्रतापगढ़ी की लोकप्रियता को दृष्टिगत रखते हुए मुनीश्वर दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रतापगढ़ के हिंदी विभाग में शशी कांति मिश्रा द्वारा उनके साहित्यिक अवदान पर लघु शोध प्रबन्ध तैयार किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि कि निर्झर प्रतापगढ़ी ही जनपद के एक मात्र ऐसे कवि हैं जिन्होंने
कविता के साथ -साथ पुरातत्व के क्षेत्र में भी विश्वस्तरीय अपनी नई खोजों के जरिए एक नया मुकाम हासिल किया है।

उन्होंने हिंदी साहित्य के महान् हस्ताक्षर राष्ट्र-कवि पं.सोहन लाल द्विवेदी, डॉ.शिव मंगल सिंह सुमन, वीर रसावतार पं.श्याम नारायण पाण्डेय, डॉ.रामकुमार वर्मा व गोपाल दास नीरज जैसी महान विभूतियों के साथ एक नहीं कई बार कवि सम्मेलनों के मंचों पर काव्य -पाठ किया है।

एक दौर था जब अनेक आडियो कैसेट कंपनियों ने इनकी हास्य-व्यंग्य कविताओं व अवधी लोकगीतों के कई कैसेट इनके ही स्वर में रिकॉर्ड कर रिलीज किए थे जो उस समय काफी लोकप्रिय रहे।

DrShakti KumarPandey

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स और यूएनआई के पत्रकार रहे हैं। आजकल 'ग्लोबल भारत' मासिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के प्रधान सम्पादक हैं।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button