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भरतगढ़ ग्रामसभा में कोटेदार की मनमानी से फूटा जनाक्रोश, फिंगरप्रिंट के बाद भी गरीबों को नहीं मिला राशन, जांच को पहुंचे सप्लाई इंस्पेक्टर के आते ही दुकान बंद कर फरार हुआ कोटेदार, बार-बार निलंबन के बावजूद बहाली पर उठे सवाल, घटतौली और दबंगई के आरोपों से घिरी सार्वजनिक वितरण व्यवस्था, प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज

बार-बार निलंबन के बावजूद बहाली, घटतौली और मनमानी से आक्रोशित कार्ड धारकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

ग्लोबल भारत न्यूज से अभिषेक पाण्डेय 

कुंडा विकास खंड के बाबागंज ब्लॉक की भरतगढ़ ग्रामसभा में बुधवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि ग्रामसभा के कोटेदार बृजेश चंद्र द्विवेदी ने कई राशन कार्ड धारकों से बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट) कराने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया। इस मनमानी से नाराज़ कार्ड धारकों ने हंगामा करते हुए सप्लाई विभाग से शिकायत की।ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार द्वारा यह हरकत पहली बार नहीं की गई है। आए दिन घटतौली की जाती है और कई बार फिंगर लगवाने के बाद भी कार्ड धारकों को राशन नहीं मिलता। शिकायत मिलने पर सप्लाई इंस्पेक्टर शिवकुमार मिश्र जांच के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचते ही कोटेदार दुकान बंद कर फरार हो गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोटेदार बृजेश चंद्र द्विवेदी पहले भी कई बार इसी तरह की शिकायतों में निलंबित हो चुका है, लेकिन हर बार जांच के नाम पर मामले को दबा दिया जाता है और कुछ समय बाद दुकान फिर से बहाल कर दी जाती है। बार-बार बहाली से कोटेदार के हौसले बुलंद हैं और वह बेखौफ होकर अनियमितताएं कर रहा है।

कार्ड धारकों का आरोप है कि कोटेदार की दबंगई और कथित राजनीतिक रसूख के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे गरीब और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को अपना हक नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

मौके पर पहुंचे सप्लाई इंस्पेक्टर शिवकुमार मिश्र ने दुकान की जांच की और राशन कार्ड धारकों के बयान दर्ज किए। उन्होंने बताया कि शिकायतों की जांच की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार कोटेदार पर सख्त कदम उठाएगा या फिर मामला एक बार फिर जांच तक ही सीमित रह जाएगा।

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