ब्रेकिंग
ईरान में प्रतापगढ़ के चीफ ऑफिसर सहित 16 भारतीय बंधक, जिलाधिकारी ने विदेश मंत्रालय को लिखा पत्र डेरवा में 18 जन. को आ रहे अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक प्रवीण तोगड़िया प्रतापगढ़: ईरान में फंसे मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर, परिजनों ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री से लगाई गुह... प्रतापगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी पहल उत्तरप्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक ने सबसे पहले मतदान किया। नकली सोने का लालच देकर ठगी करने अंतर्जनपदीय शातिर टप्पेबाज गिरफ्तार, कई जिलों में फलाया था जाल  राष्ट्रभक्ति व निस्वार्थ भाव से देश के युवा करें कार्य- नरेंद्र ठाकुर प्रतापगढ़: मेडिकल कॉलेज के स्टाफ नर्स की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत, इलाके में सनसनी मारपीट में घायल युवक की इलाज दौरान हुई मौत,मृतक के भाई का आरोप स्थानीय पुलिस नहीं कर रही है पोस्टमार... प्रतापगढ़: मिशन प्रबंधक पर अवैध वसूली के आरोप, कार्रवाई न होने पर समूह की दर्ज़नो महिलाओं ने खोला मोर...
Global भारत न्यूज़उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

10 बोरी से अधिक उर्वरक खरीदने बेचने वालों की होगी जांच

जिला प्रशासन जल्द ही टीम गठित करेगा, कृषि विभाग की टीमें करेंगी जांच

10 बोरी से अधिक उर्वरक खरीदने बेचने वालों की होगी जांच

 

जिला प्रशासन जल्द ही टीम गठित करेगा, कृषि विभाग की टीमें करेंगी जांच

 

प्रतापगढ़। कृषि विभाग ने उन उर्वरक विक्रेताओं और खरीददारों की कुंडली खंगालेगा जिन्होंने अनावश्यक रूप से ज्यादा मात्रा में उर्वरक बेचा और खरीदा है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि माह अप्रैल 2025 एवं मई 2025 में उर्वरक विक्री की जांच के लिये शासन द्वारा निर्देशित किया गया है। समीक्षा में यह प्रकाश में आया है कि कई कृषकों द्वारा एक ही बार में 10 बोरी से अधिक यूरिया क्रय किया गया है। ऐसी स्थिति में यूरिया क्रय करने वाले कृषक एवं यूरिया विक्री करने वाले रिटेलरों की सघन जांच के निर्देश शासन स्तर से दिये गये है। उन्होने कृषकों एवं उर्वरक प्रतिष्ठान स्वामियों को सूचित किया है कि वह किसी भी दशा में खतौनी के आधार पर प्रयोग होने वाली यूरिया से अधिक यूरिया का न तो क्रय करें और न ही उर्वरक विक्रेता यूरिया का विक्रय करें। यदि किसी उर्वरक विक्रेता द्वारा कृत्रिम रूप से यूरिया का पीओएस मशीन से खारिज किया गया है तो उसके विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अन्तर्गत वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। 10 बोरी से अधिक खरीदने वाले कृषक एवं बेचने वाले उर्वरक विक्रेताओं की जांच के लिए 5 टीमों के द्वारा जांच कार्यवाई प्रारम्भ कर दी गयी हैं। जिला कृषि अधिकारी ने आगाह किया है की कोई भी रिटेलर कम्पनी या डीलर के कहने पर यूरिया उर्वरक का कृत्रिम रूप से खारिजा न करें, ऐसा करने पर उर्वरक लाइसेंस निरस्त करते हुये प्रथम सूचना दर्ज करके वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

वैसे अगर ये कार्यवाई और जांच पारदर्शी तरीके से की जाय तो कई विक्रताओ द्वारा अनियमितता मिलने की संभावना से इंकार भी नही किया जा सकता है। पहले भी प्रतापगढ़ जिले में डाया खाद का बड़े पैमाने पर घोटाला पकड़ में आया था। शासन की यह पहल किसानों के हित में साबित हो सकती है जिससे उर्वरक की उपलब्धता छोटे किसानों तक सहज हो पाएगी। उक्त जानकारी जिला सूचना कार्यालय प्रतापगढ़ द्वारा उपलब्ध कराई गई।

Vinod Mishra

सामाजिक सरोकारो पर सीधी पकड़ और बेबाक पत्रकारिता के लिए समर्पित...ग्लोबल भारत न्यूज़ संस्थान के लिए सेवा

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button