ब्रेकिंग
बाबा भयहरणनाथ में 13 वाँ सामाजिक सत्याग्रह आज 7 जून को। कांग्रेस कमेटी की प्रतापगढ़ में मासिक बैठक सम्पन्न हुई। भारत तिब्बत सहयोग मंच की राष्ट्रीय कार्यसमिति की आनलाइन बैठक सम्पन्न हुई। जब कर्मचारी पर टूटा तूफान का कहर, तब फरिश्ता बनकर खड़ा हुआ सीएचसी कुंडा परिवार आगामी 15,16 एवं 17 सितंबर 2026 को आयोजित होगा 'अजगरा महोत्सव'। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन एवं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनेश्वर मिश्र पार्क में कार... प्रभारी मंत्री ने 05 जून से 21 जून तक आयोजित कार्यक्रमों की तैयारियों के सम्बन्ध में की बैठक गर्मी की छुट्टियां चढ़ी जनगणना की भेंट आखिर गृह कार्य कब संभालेंगे शिक्षक गण प्रतापगढ़ के प्रभारी मंत्री का जनसत्ता दल के पदाधिकारियों द्वारा स्वागत। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का प्रांतीय सम्मेलन बर्फानी आश्रम अमरकंटक में संपन्न।
उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

प्रतापगढ़।राजा भैया को मिला 1.5 करोड का तोहफा,महराष्ट्र से अवध की धरती कुंडा पहुंचा ‘विजयराज घोड़ा’

विजयराज' का अपना एक आधिकारिक पासपोर्ट है। इस पासपोर्ट में न केवल उसकी कद-काठी और रंग का जिक्र है, बल्कि उसकी पिछली तीन पीढ़ियों की वंशावली भी दर्ज है

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की सियासत हो या राजसी ठाठ-बाट, कुंडा के विधायक राजा भैया हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन इस बार चर्चा उनके किसी राजनीतिक बयान की नहीं, बल्कि उनके अस्तबल में आए एक नए मेहमान की है। महाराष्ट्र से चलकर प्रतापगढ़ की पावन धरती बेंती पहुंचे इस ‘अनमोल’ घोड़े की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। आखिर क्या खास है इस घोड़े में और क्यों इसकी कीमत 1.5 करोड़ बताई जा रही है

ये है ‘विजयराज’। मारवाड़ी नस्ल का वो शानदार अश्व, जिसने कुंडा के बेंती राजभवन के अस्तबल की रौनक बढ़ा दी है। छत्रपति शिवाजी महाराज की वीर भूमि महाराष्ट्र से चलकर जब यह घोड़ा अवध की धरती पर पहुंचा, तो इसका स्वागत किसी राजकुमार की तरह किया गया। पारंपरिक विधि-विधान से पूजन हुआ और फिर इसे राजभवन के बेड़े में शामिल किया गया।

V vijay ra
करीब डेढ़ करोड़ की कीमत वाला यह अश्व राजा भैया ने खरीदा नहीं है, बल्कि यह उनके एक करीबी मित्र ने उन्हें तोहफे में दिया है। मजबूत कद-काठी, चमकदार शरीर और राजसी चाल वाले ‘विजयराज’ को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध है। लेकिन इसकी खासियत सिर्फ इसकी खूबसूरती नहीं, बल्कि इसका शानदार ‘पासपोर्ट’ भी है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि ‘विजयराज’ का अपना एक आधिकारिक पासपोर्ट है। इस पासपोर्ट में न केवल उसकी कद-काठी और रंग का जिक्र है, बल्कि उसकी पिछली तीन पीढ़ियों की वंशावली भी दर्ज है। यह प्रमाणित करने के लिए कि यह शुद्ध मारवाड़ी नस्ल का है, इसकी डीएनए रिपोर्ट भी तैयार की गई है। केवल पारंगत और उच्च श्रेणी के घोड़ों को ही इस तरह के दस्तावेज जारी किए जाते हैं।

राजा भैया को घुड़सवारी और पशु-प्रेम के लिए जाना जाता है। उनके पास पहले से ही कई अरबी और मारवाड़ी नस्ल के घोड़े मौजूद हैं, लेकिन ‘विजयराज’ की एंट्री ने उनके शौक को एक नई ऊंचाई दे दी है। सोशल मीडिया पर अब इस बेशकीमती तोहफे और राजा भैया की लग्जरी लाइफस्टाइल की खूब चर्चा हो रही है।

महाराष्ट्र से आई यह ‘भेंट’ कुंडा की सियासत में कितनी रफ्तार भरेगी ये तो वक्त बताएगा, लेकिन ‘विजयराज’ ने फिलहाल बेंती राजभवन की शान में चार चांद लगा दिए हैV

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button