बिना पंजीयन स्कूल वाहनों पर चलेगा फेज 2 का चाबुक
एआरटीओ ए के शुक्ला नें सोशल मीडिया पर निर्देशित करते हुए कि पोस्ट

बिना पंजीयन स्कूल वाहनों पर चलेगा फेज 2 का चाबुक
बीएसए, डीआईओएस को एआरटीओ ने लिखा पत्र
प्रतापगढ़ 13अगस्त : जनपद में बिना पंजीयन और मानक बिहीन चल रहे स्कूली वाहनों पर फेज 2की कार्यवाही की तैयारी है। फेज 2 में ताबड़तोड़ बिना पंजीयन वाहनों की तैयारी के लिए एआरटीओ नें शिक्षा विभाग को पत्र लिख कर अवगत कराया है कि इसकी सूचना संबंधित स्कूलों तक पहुंचाते हुए उन्हें एलर्ट कर दें ताकि कार्यवाही के जद में आने से पहले वे अपने वाहनों को फिट कर लें। बतादें कि जिले में करीब 700 से ज्यादा स्कूल वाहन बिना पंजीयन एवं मानक बिहीन चल रहे हैं। जिनपर प्रथम फेज कि कार्यवाही में स्कूल वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कि गई और कुछ का चलान भी किया मगर फेज 2 में शिक्षा विभाग अपनी कार्यवाही करेगा और बिना पंजीयन वाहनों के विद्यालय संचालन पर वैधानिक कार्यवाही करेगा। वावजूद इसके बिना पंजीयन वाहनो कि धड़ पकड़ करते हुए एआरटीओ विभाग उनपर मुकदमा दर्ज करवाएगा।
इधर ए आर टी ओ ए के शुक्ला नें सोशल मीडिया पर स्कूलों को निर्देशित करते हुए एक पोस्ट कि है जिसमें कहा है
सभी विद्यालय संचालकों/प्रबंधकों को निर्देशित किया जाता है कि विद्यालय में संचालित समस्त स्कूल वाहनों के पंजीयन, फिटनेस, परमिट, बीमा एवं अन्य आवश्यक प्रपत्रों को तत्काल सही/वैध करा लें तथा प्रपत्र पूर्ण एवं वैध होने के पश्चात ही वाहनों का संचालन करें।
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यदि विद्यालय का कोई ऐसा वाहन जो अब संचालन में नहीं है अथवा जिसे विद्यालय द्वारा कटवाकर/समाप्त कर दिया गया है, वह अभी भी आरटीओ कार्यालय के अभिलेखों में प्रदर्शित हो रहा है, तो ऐसे वाहन का पंजीयन नियमानुसार आरटीओ कार्यालय से निरस्त कराया जाए।
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यदि कोई वाहन चलने योग्य नहीं है तथा विद्यालय परिसर में खड़ा है, तो उसकी सूचना “Non-Utilised Vehicle” के रूप में आरटीओ कार्यालय को लिखित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
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जिन वाहनों की फिटनेस, परमिट अथवा अन्य आवश्यक प्रपत्र समाप्त हो चुके हैं, उनके प्रपत्र कब तक वैध/पूर्ण कराए जाएंगे, इसकी सूचना भी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
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जिन वाहनों के प्रपत्र पूर्ण एवं वैध नहीं हैं, उनका किसी भी दशा में बच्चों के आवागमन हेतु प्रयोग न किया जाए।
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15 वर्ष पुराने वाहनों का विद्यालय में बच्चों के परिवहन हेतु प्रयोग नहीं किया जाएगा।
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किसी भी दशा में अनफिट, असुरक्षित अथवा अधूरे प्रपत्र वाले वाहन का संचालन बच्चों के लिए न किया जाए।
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प्रत्येक स्कूल वाहन में बच्चों की सुरक्षा एवं निगरानी हेतु अटेंडेंट की अनिवार्य रूप से व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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यदि कोई वाहन आप द्वारा किसी अन्य को बेच दिया गया है तो यह भी सुनिश्चित करले की वाहन विद्यालय के नाम से अन्य के नाम ट्रांसफर हो गया है अथवा नहीं यदि ट्रांसफर नहीं होता है तो समस्त ज़िम्मेदारी विद्यालय की ही रहेगी
विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि स्कूल वाहनों से संबंधित सभी वैधानिक एवं सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन हो।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतः किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।





