ब्रेकिंग
कल! भयहरणनाथ में हरितालिका तीज मेला दौरान वृक्षरक्षा संकल्प सुहागिनों को पौध वितरण पूर्व संध्या पर स... यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर प्रतापगढ़ में सरकारी बैंकों के समस्त अधिकारी कर्मचारी हड़... सिद्धार्थ नें किया प्रतापगढ़ को गौरवान्वित, UPSSSC की परीक्षा उत्तीर्ण कर बने कनिष्ठ सहायक उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा आर्थिक... वृद्धजनों का सम्मान उनकी सेवा करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों क... विकसित प्रदेश की सोंच पर युवा संवाद अजगरा महोत्सव तैयारी पर सीडीओ नें कहा शतप्रतिशत दायित्व निर्वाहन चाहिए प्रधान पुत्र पर प्रभारी प्रधानाध्यापक ने लगाया गंभीर आरोप,अवैध असलहा दिखाकर मुकदमा सुलह करने बना रहा... राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज सिंह पटेल का प्रतापगढ़ में हुआ भव्य स्वागत। प्रतिस्पर्धा कौशल ग्रेट डिबेट! कौन देगा यक्ष प्रश्न पर युधिष्ठिर का सटीक उत्तर?
महाराष्ट्र

राष्ट्रगान की तरह ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगौरव का दर्जा देने के निर्णय का राम नाईक द्वारा स्वागत।

'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम 1971’ में संशोधन कर ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देने के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने पर उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है.

राष्ट्रगान की तरह ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगौरव का दर्जा देने के निर्णय का राम नाईक द्वारा स्वागत।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
मुंबई, 8 मई।

‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम 1971’ में संशोधन कर ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देने के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने पर उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है.

संसद में ‘वंदे मातरम्’ और ‘राष्ट्रगान’ के गायन की परंपरा शुरू करने वाले श्री राम नाईक ने कहा, “देश का संविधान तैयार करने वाली समिति ने अपनी कार्यवाही में ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ को समान दर्जा दिया था, लेकिन अब तक ‘वंदे मातरम्’ को ‘राष्ट्र गौरव’ का कानूनी दर्जा प्राप्त नहीं होने के कारण कुछ लोग ‘वंदे मातरम्’ और परिणामस्वरूप राष्ट्र का अपमान करने का साहस करते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ में संशोधन कर ‘वंदे मातरम्’ पर भी राष्ट्रगान के समान सभी नियम और प्रतिबंध लागू करने की आवश्यकता थी”।

उन्होंने आगे कहा कि जब यह संशोधन संसद के समक्ष मंजूरी के लिए आए, तब संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों को सर्वसंमति से इसे पारित करना चाहिए और सभी सांसदों को अपनी राष्ट्रभक्ति का परिचय देना चाहिए।

DrShakti KumarPandey

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स और यूएनआई के पत्रकार रहे हैं। आजकल 'ग्लोबल भारत' मासिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के प्रधान सम्पादक हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button