डिप्टी सीएम ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन स्वयं सहायता समूहों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी, दोषी अधिकारियों पर होगी कठोर कार्यवाही

लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी, दोषी अधिकारियों पर होगी कठोर कार्यवाही
गौरव तिवारी ब्यूरो चीफ ग्लोबल भारत।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) की ग्राम्य विकास विभाग के उच्चाधिकारियों से कहा कि नवगठित स्वयं सहायता समूहों को सात दिनों के भीतर डिजिटल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराये जाए तथा एसएमएस के माध्यम से समूह की स्वीकृति एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं भी तत्काल भेजी जाएं ताकि समूहों को समय पर योजनाओं का लाभ की जानकारी मिल सके और उनकी कार्यप्रणाली सुचारु रूप से प्रारंभ हो साथ ही मिशन के कार्यक्रमों एवं समूहों की सम्पूर्ण जानकारी लेते हुए स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर,स्वावलंबी एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री मौर्य ने मिशन अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में मिशन के अंतर्गत संचालित सभी कार्यों की समीक्षा केवल कागजी अभिलेखों के आधार पर नहीं, बल्कि जियो-टैग फोटो, पोर्टल पर उपलब्ध वास्तविक डेटा तथा धरातलीय साक्ष्यों के आधार पर सुनिश्चित की जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठन की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में समूह गठन की गति को तेज किया जाए तथा जहां भी प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं है, वहां विशेष अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित कराएं प्रदेश के सभी निष्क्रिय एवं शिथिल स्वयं सहायता समूहों को शीघ्र सक्रिय किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा समूहों की सखियों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित कर उन्हें पुनः संचालित करने में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।उन्होंने कहा कि अधिकारी जिला एवं ब्लाक स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा बैठक करें एवं बैठकों में लिए गए निर्णयों और उन पर की गई कार्यवाही से अवगत कराया जाए। प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए तथा जिन अधिकारियों की कार्यशैली में लापरवाही या उदासीनता पाई जाएगी, उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। स्वयं सहायता समूहों के गठन, वित्तीय समावेशन, बैंक ऋण वितरण, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, महिला उद्यमिता, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। मौर्य ने *महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इस योजना से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीमा सखी की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, जिससे ग्रामीण परिवारों तक बीमा योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सके एवं कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने के साथ ही प्रेरणा कृषि उपकरण बैंक का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को इससे जोड़ने पर विशेष बल दिया। निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सभी पात्र लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूहों से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें स्वरोजगार, बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय समावेशन एवं आजीविका के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सकें और उनके जीवन स्तर में स्थायी सुधार आए।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट संकल्प है कि देश की आधी आबादी को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जाए



