राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह की 108वीं जयंती समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियां सम्मानित की गईं।
लोक कल्याण के लिए हजारों बीघा जमीन दान करने वाले और लोकतंत्र में राजत्व और मूल्यों की राजनीति स्थापित करने वाले राजा थे पूर्व विधायक श्रीनिवास प्रसाद सिंह।

राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह की 108वीं जयंती समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियां सम्मानित की गईं।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज
मिर्ज़ापुर, 18 अगस्त।
लोक कल्याण के लिए हजारों बीघा जमीन दान करने वाले और लोकतंत्र में राजत्व और मूल्यों की राजनीति स्थापित करने वाले राजा थे पूर्व विधायक श्रीनिवास प्रसाद सिंह।
कन्तित राज विजयपुर परिवार, गिरिजापुर के तत्वावधान में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को होटल पंचतला पैलेस, लोहदी कलां में कन्तित राज विजयपुर के धर्मप्राण राजा पूर्व विधायक श्रीनिवासप्रसाद सिंह की 108वीं जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई।
समारोह की अध्यक्षता अष्टकौशल महन्त डॉ. योगानन्द गिरि जी महाराज, श्रीवृद्धेश्वरनाथ पीठाधीश्वर, गिरिजापुर ने की। जबकि मुख्य अतिथि के रूप में महाराजाधिराज बान्धवेश पुष्पराज सिंह जूदेव, रीवा राज्य, मध्यप्रदेश उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महाराजाधिराज बान्धवेश पुष्पराज सिंह जूदेव, सभा अध्यक्ष अष्टकौशल महन्त डॉ. योगानन्द गिरि जी महाराज तथा विशिष्ट अतिथियों द्वारा राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह की प्रतिमा पर संयुक्त रूप से माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इसके पश्चात वैदिक परंपरा के अनुरूप स्वस्तिवाचन हुआ और राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया गया।
इस समारोह में समाज, शिक्षा, साहित्य, राष्ट्रसेवा, खेल एवं जनजागरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को कन्तित राज विजयपुर परिवार की ओर से सम्मानित किया गया।
कन्तित-कीर्ति-कौमुदी सम्मान अमर बलिदानी रवि सिंह को राष्ट्र हेतु प्राणोत्सर्ग के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान उनकी ओर से उनकी माता रेखा सिंह एवं पिता संजय कुमार सिंह ने ग्रहण किया।
राजा वेणीमाधव सम्मान खेल एवं समाज जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कुँवर कार्तिकेय प्रताप सिंह एवं सत्येन्द्र सिंह गहरवार को प्रदान किया गया।
मान माधव सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रो. वीणा सिंह एवं प्रो. अशोक सिंह को प्रदान किया गया।
राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह सम्मान समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बाबू गोविन्दप्रसाद सिंह, बाबू गोविन्दनारायण सिंह एवं डॉ. गोपाल सिंह को प्रदान किया गया। राजमाता रमाकान्त कुँवरी सम्मान आजीवन साहित्य-सेवा के लिए श्री गणेश गम्भीर एवं श्री राजेन्द्र त्रिपाठी ‘लल्लू’ को प्रदान किया गया।
राजमाता आशालता ‘हीरामणि’ सम्मान उत्कृष्ट लेखन के लिए श्रीमती पद्मिनी श्वेता सिंह को प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त कन्तित-विजयपुर मेधावी छात्र प्रोत्साहन सम्मान में हाईस्कूल टॉपर अंशिका सिंह तथा इंटरमीडिएट टॉपर साक्षी चौधरी को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन करते हुए सुप्रसिद्ध इतिहासकार और साहित्यकार डॉ जितेंद्र सिंह संजय ने कंतित राज विजयपुर परिवार के गौरवशाली इतिहास से सबको परिचित कराते हुए उक्त कार्यक्रम की महत्ता को वर्तमान सन्दर्भ में रेखांकित किया।
इस मौके पर सभा की अध्यक्षता कर रहे अष्टकौशल महन्त डॉ. योगानन्द गिरि जी महाराज, श्रीवृद्धेश्वरनाथ पीठाधीश्वर, गिरिजापुर ने कहा कि राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह का जीवन त्याग, धर्म, समाजसेवा और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी अपनी गौरवशाली परंपराओं, संस्कारों और पूर्वजों के आदर्शों से आती है। राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह की जयंती पर समाज की विभिन्न विभूतियों को सम्मानित करना उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि महाराजाधिराज बान्धवेश पुष्पराज सिंह जूदेव, रीवा राज्य, मध्यप्रदेश ने कहा कि राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह जैसे व्यक्तित्व केवल किसी एक परिवार या क्षेत्र की धरोहर नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक प्रेरणा होते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र, समाज, शिक्षा, साहित्य और जनसेवा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाली विभूतियों का सम्मान आने वाली पीढ़ियों को अपने दायित्वों के प्रति प्रेरित करता है।
उन्होंने राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह को परंपरा और आधुनिक सामाजिक चेतना के सुंदर समन्वय का उदाहरण बताया।कहा की उनका संपूर्ण जीवन लोक कल्याण हेतु समर्पित था। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हुए व्यक्ति के हित के लिए वह जाने जाते थे।
विशिष्ट अतिथि चित्रकूट के विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने कहा कि राजा श्रीनिवास प्रसाद सिंह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले महान व्यक्तियों में शामिल हैं। उनका संपूर्ण सार्वजनिक जीवन आदर्शों ,सिद्धांतों से परिपूर्ण है। वह उत्कृष्ट शासक और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि थे। उनकी जयंती पर ऐसे आयोजन युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देते हैं।
विशिष्ट अतिथि पूर्व पीएम वीपी सिंह के पौत्र डइया राज प्रयागराज के युवराज कुँवर दिवाकर प्रताप सिंह कृष्ण भइया ने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान सामाजिक ऊर्जा को बढ़ाता है।
उन्होंने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह की स्मृति में आयोजित यह समारोह समाज को सेवा और कर्तव्य का संदेश देता है। कहा की हमारी पीढ़ियों ने आजादी के पूर्व भी और आजादी के बाद भी इस राष्ट्र और समाज के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया है।
समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, सम्मानित विभूतियों, समाज के गणमान्य नागरिकों एवं उपस्थित जनसमुदाय के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम संयोजक कंतित राज विजयपुर परिवार के संरक्षक राजा अनिल प्रताप सिंह ने कहा की राजा श्रीनिवासप्रसाद सिंह की जयंती को केवल स्मृति समारोह के रूप में नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने के संकल्प के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है, उनका सम्मान करना कन्तित राज विजयपुर परिवार के लिए गौरव का विषय है। कहा की इस जनपद में सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण की दिशा में विजयपुर परिवार का यह अनूठा प्रयास है। जिसे भविष्य में और व्यापक रूप दिया जाएगा।
उन्होंने मुख्य अतिथि, सभा अध्यक्ष एवं सभी विशिष्ट अतिथियों सहित समारोह में उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके स्नेह एवं गरिमामयी उपस्थिति से समारोह की प्रतिष्ठा और गरिमा बढ़ी है।
कार्यक्रम का संयुक्त रूप से संचालन जैनेंद्र सिंह एवं राजेश सिंह ‘राष्ट्रवादी’ ने किया। इस मौके पर संजय सिंह गहवार, राजेश सिंह, अशोक सिंह,सुधीर सिंह चंदेल, देवेश सिंह, रणजीत सिंह, अरुण सिंह, अमर बहादुर सिंह, दीपक सिंह, अंगराज सिंह बृजभूषण सिंह, आयुष सिंह, आदि लोग थे।

