ब्रेकिंग
प्रतापगढ़ में समझौते के बाद भी हुआ कत्ल! 15 साल पुरानी रंजिश में सलीम की गोली मारकर हत्या, दहला मांध... प्रतापगढ़ का 'द केरल स्टोरी': 12 साल बाद 'शेर अली' से फिर संतोष शुक्ल बने, मंत्रोच्चार के बीच हुई घर... पूरे बेंदुआ में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन हुआ। कुंडा में चरमराती कानून-व्यवस्था! जाम से जकड़ा शहर, अवैध गतिविधियों की चर्चाएं तेज—नवागत कोतवाल मनोज... उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ प्रतापगढ़ की मांधाता इकाई द्वारा विकासखंड मुख्यालय पर कार्यशाला स... करुणा शंकर मिश्र अध्यक्ष और कौशलेश त्रिपाठी बने महामंत्री CBSE बोर्ड परीक्षा: कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ 12वीं फिजिक्स का पेपर, शिक्षकों ने बढ़ाया छात्रों का ... संग्रामगढ़ में 3 दिन से लापता युवक का शव तालाब में मिला, इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम प्रदेश सरकार की दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी का प्रदर्शन। और अब विश्वविद्यालय की परीक्षा में चंद्रगुप्त मौर्य की जाति पर सवाल पूंछे गए।
Global भारत न्यूज़देश

संविधान की मूल भावना के साथ हुई छेड़छाड़ होनी चाहिए दुरुस्त – राजा भैया

राजा भैया का बयान बना राजनीतिक विश्लेषण और चर्चा का विषय, संविधान निर्माण करने वालो ने समाजवाद और धर्म निरपेक्षता जैसे शब्दों को नहीं किया था समावेश

संविधान की मूल भावना के साथ हुई छेड़छाड़ होनी चाहिए दुरुस्त – राजा भैया

राजा भैया का बयान बना राजनीतिक विश्लेषण और चर्चा का विषय, संविधान निर्माण करने वालो ने समाजवाद और धर्म निरपेक्षता जैसे शब्दों को नहीं किया था समावेश  !

 

ग्लोबल भारत डेस्क, राजा भैया ने इस बार जिस विषय को छुआ है उसकी तपिश आने वाले दिनों में देखने को मिल सकती है क्यों कि देश भर में इस विषय को लेकर चर्चा होगी जिसकी सुगबुगाहट सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है। संविधान के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ का विषय और उस भूल को सुधारने की बात कहके एक तरफ राजा भैया ने देश के बौद्धिक तबके की निगाह में आए हैं वहीं आज के परिप्रेक्ष्य में जब नेता गंभीर विषयों से बचने का प्रयास करते है राजा भैया का ये बयान उनके आत्मबल को दिखाता है। संविधान लिखने वालों ने जब समाजवाद और धर्म निरपेक्षता पर कुछ नहीं लिखा था तो संविधान की मूल भावना से खिलवाड़ करने वाले शब्दों को संविधान में शामिल करने का षडयंत्र क्यों हुआ। आज देश जानना चाहेगा कि आखिर संविधान में इन शब्दों को जोड़कर संविधान के मूल भावना के साथ खिलवाड़ क्यों किया गया था। आज का युवा जानना चाहता है कि संशोधन करने वाले क्या संविधान निर्माण करने वालो से ज्यादा योग्य थे। बाबा साहब युग दृष्टा थे काश की उनकी बातों को तत्कालीन जिम्मेदार माने होते तो आज देश में उतनी विषमता न होती। अब समय आ गया है कि उसमें संशोधन किया जाना समय की मांग भी है और आवश्यकता भी। जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा के विधायक राजा भैया का ने एक टीवी चैनल के पॉड कास्ट में बेबाक अंदाज में कहा। राजा भैया ने प्रमाणित तर्क के साथ उस विषय पर बयान दिया है, जो किसी भी नेता के लिए कहना सामान्य बात नही है। राजा भैया ने कहा कि आखिर संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करना क्या संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं था और ऐसा करके जिस व्यवस्था का आगाज किया हुआ वह आज देश के लिए असंतुलन का विषय साबित हो रहा है। पॉड कास्ट को लाखों लोगों ने देखा और बेबाक बयानों की सराहना किया। जनसत्ता दल समर्थकों ने कुंडा में इस पॉड कास्ट को देखा और राजा भैया के बयानों की सराहना किया।

Vinod Mishra

सामाजिक सरोकारो पर सीधी पकड़ और बेबाक पत्रकारिता के लिए समर्पित...ग्लोबल भारत न्यूज़ संस्थान के लिए सेवा

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button