संविधान की मूल भावना के साथ हुई छेड़छाड़ होनी चाहिए दुरुस्त – राजा भैया
राजा भैया का बयान बना राजनीतिक विश्लेषण और चर्चा का विषय, संविधान निर्माण करने वालो ने समाजवाद और धर्म निरपेक्षता जैसे शब्दों को नहीं किया था समावेश

संविधान की मूल भावना के साथ हुई छेड़छाड़ होनी चाहिए दुरुस्त – राजा भैया
राजा भैया का बयान बना राजनीतिक विश्लेषण और चर्चा का विषय, संविधान निर्माण करने वालो ने समाजवाद और धर्म निरपेक्षता जैसे शब्दों को नहीं किया था समावेश !
ग्लोबल भारत डेस्क, राजा भैया ने इस बार जिस विषय को छुआ है उसकी तपिश आने वाले दिनों में देखने को मिल सकती है क्यों कि देश भर में इस विषय को लेकर चर्चा होगी जिसकी सुगबुगाहट सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है। संविधान के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ का विषय और उस भूल को सुधारने की बात कहके एक तरफ राजा भैया ने देश के बौद्धिक तबके की निगाह में आए हैं वहीं आज के परिप्रेक्ष्य में जब नेता गंभीर विषयों से बचने का प्रयास करते है राजा भैया का ये बयान उनके आत्मबल को दिखाता है। संविधान लिखने वालों ने जब समाजवाद और धर्म निरपेक्षता पर कुछ नहीं लिखा था तो संविधान की मूल भावना से खिलवाड़ करने वाले शब्दों को संविधान में शामिल करने का षडयंत्र क्यों हुआ। आज देश जानना चाहेगा कि आखिर संविधान में इन शब्दों को जोड़कर संविधान के मूल भावना के साथ खिलवाड़ क्यों किया गया था। आज का युवा जानना चाहता है कि संशोधन करने वाले क्या संविधान निर्माण करने वालो से ज्यादा योग्य थे। बाबा साहब युग दृष्टा थे काश की उनकी बातों को तत्कालीन जिम्मेदार माने होते तो आज देश में उतनी विषमता न होती। अब समय आ गया है कि उसमें संशोधन किया जाना समय की मांग भी है और आवश्यकता भी। जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा के विधायक राजा भैया का ने एक टीवी चैनल के पॉड कास्ट में बेबाक अंदाज में कहा। राजा भैया ने प्रमाणित तर्क के साथ उस विषय पर बयान दिया है, जो किसी भी नेता के लिए कहना सामान्य बात नही है। राजा भैया ने कहा कि आखिर संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करना क्या संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं था और ऐसा करके जिस व्यवस्था का आगाज किया हुआ वह आज देश के लिए असंतुलन का विषय साबित हो रहा है। पॉड कास्ट को लाखों लोगों ने देखा और बेबाक बयानों की सराहना किया। जनसत्ता दल समर्थकों ने कुंडा में इस पॉड कास्ट को देखा और राजा भैया के बयानों की सराहना किया।