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उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

बकुलाही नदी जल समस्या का प्रकृति नें निकाला समाधान

गाँव गाँव में खुशी की लहर, वर्षो बाद देखने को मिली नदी

नदी की नई व प्राचीन दोनों जल धारा जल मग्न

शिव गंगा ताल ने ग्रहण किया प्राचीन स्वरूप, स्वयम दे रहा अपने वजूद की गवाही

20 सत्याग्रह के बाद स्वयं प्रकट हुआ तालाब

प्रतापगढ़। सावन के तीसरे सोमवार तथा मंगलवार की भारी बारिश ने जनपद में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। रामायण कालीन बकुलाही नदी ने भी अपनी सहायक जल धाराओं में अथाह जल के साथ रौद्र रूप ग्रहण किया है। नतीजतन भयहरणनाथ महादेव धाम का नदी का विहंगम दृश्य देखने को मिल रहा है जहाँ तीन ओर से नदी ने धाम को घेर रखा है। वहीं पीछे स्थित अति प्राचीन शिव गंगा ताल अथाह जल भरे अपनी प्राचीनता की गवाही स्वयम दे रहा है।

यह जानकारी देते हुए बकुलाही पुनरोद्धार अभियान के संयोजक व भयहरणनाथ धाम के महासचिव समाज शेखर ने बताया कि बकुलाही व भयहरणनाथ क्षेत्र के गाँव गाँव में जहाँ बच्चो और युवाओं में नदी व अथाह जल को देखकर खुशी व प्रशंसात्मक खबरें मिल रही हैं। वहीं अतिक्रमण व अदूरदर्शिता के चलते जल भराव व उससे होने वाले नुकसान, मार्गो के अवरुद्ध होने सहित कच्चे मकान गिरने की लगातार सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। छतौना, शिवरा व हैन्सी में पुलिया के 1 मीटर ऊपर पानी बह रहा है। भटपुरवा में बना करोड़ो का पुल भी बेकार साबित हुआ क्योंकि पुल के बाहर दोनों तरफ 100-100 मीटर चौड़ी नदी बह रही है और जल भराव हुआ है।

सामाजिक कार्यकर्ता समाज शेखर ने बताया कि गुरुवार 20 अगस्त को वह भयहरणनाथ धाम क्षेत्र की बकुलाही नदी की प्राचीन धारा का साथियों, कार्यकर्ताओं व ग्राम वासियों के साथ व्यापक भ्रमण करेंगे। बाढ़ की यथास्थिति का अध्ययन व आकलन करके अपेक्षित सुझाव सरकार, समाज व जिला प्रशासन को देकर यथोचित प्रयास किया जायेगा। वह भयहरणनाथ धाम तीर्थ क्षेत्र के सूर्य मंदिर, ऊँचडीह, शिवरन देवी धाम व गौरा देवी स्थान आदि का दर्शन पूजन भी करेंगे।

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